भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी काफी समय से टेस्ट क्रिकेट से दूर हैं। 2023 वनडे विश्व कप के फाइनल के बाद से वह चोट के कारण मैदान से बाहर चल रहे थे। करीब एक साल तक रिहैब और रिकवरी के बाद शमी ने घरेलू क्रिकेट में वापसी की, जहां उन्होंने तीनों फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दम पर उन्हें पहले टी20 और फिर वनडे टीम में जगह मिली। वह 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी बने।
हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में उनकी वापसी अब तक नहीं हो सकी है। न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ हुई टेस्ट सीरीज वो तीन मौके थे, जब शमी की वापसी की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन इन सीरीज में भी उन्हें नजरअंदाज किया गया। ऐसा माना जा रहा है कि या तो उनकी फिटनेस पूरी तरह से ठीक नहीं थी, या फिर चयनकर्ता युवा गेंदबाजों को ज्यादा मौके देना चाहते थे।
भारत की हाल की टेस्ट टीम में युवा तेज गेंदबाजों को तरजीह दी गई। इंग्लैंड दौरे के लिए आकाश दीप, हर्षित राणा, अंशुल कंबोज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे नए चेहरों को शामिल किया गया। टीम चयन से पहले मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने साफ किया था कि मोहम्मद शमी अभी भी 100% फिट नहीं हैं। उन्होंने बताया कि शमी की चोट पूरी तरह से ठीक नहीं हुई है और टीम प्रबंधन उनके साथ कोई जोखिम नहीं लेना चाहता।
अब सवाल ये है कि क्या मोहम्मद शमी की टेस्ट क्रिकेट में वापसी संभव है? यह कहना अभी मुश्किल है, लेकिन अगर वह पूरी तरह से फिट होकर घरेलू क्रिकेट में फिर से अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनके अनुभव को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। भारत को अगर बड़े टेस्ट मुकाबलों में सफलता पानी है, तो शमी जैसा अनुभवी गेंदबाज टीम के लिए अहम साबित हो सकता है।

