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“यूनुस ने आतंकियों के साथ मिलकर सत्ता हथियाई, अब अमेरिका के इशारों पर देश चला रहे हैं” — शेख हसीना का तीखा आरोप

shiekh hasina

ढाका: बांग्लादेश में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच, देश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग प्रमुख शेख हसीना ने अंतरिम सरकार के प्रमुख और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता डॉ. मुहम्मद यूनुस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि यूनुस ने चरमपंथी ताकतों की मदद से सत्ता हासिल की और अब बांग्लादेश को विदेशी प्रभाव, विशेष रूप से अमेरिका के अधीन करने की कोशिश कर रहे हैं।


“जिनसे देश को बचाते रहे, वही आज शासन में हैं”

एक सोशल मीडिया पोस्ट में शेख हसीना ने लिखा कि यूनुस ने उन आतंकी संगठनों से हाथ मिलाया, जिन्हें सरकार ने पहले प्रतिबंधित किया था और जिनसे वर्षों तक आम जनता को सुरक्षा दी जाती रही। हसीना ने आरोप लगाया कि यह गठजोड़ बांग्लादेश की संप्रभुता और लोकतंत्र के लिए सीधा खतरा बन गया है।

“यह वही लोग हैं जिनके खिलाफ हमने सख्त कार्रवाई की थी। लेकिन अब उन्हें जेलों से रिहा किया गया है और सरकार में जगह दी जा रही है,” उन्होंने कहा।


“देश की जेलें लगभग खाली, कट्टरपंथियों को रिहा किया गया”

शेख हसीना ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि अंतरिम सरकार ने गिरफ्तार आतंकियों को जेल से रिहा कर दिया है, जिससे देश की आंतरिक सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये निर्णय न केवल खतरनाक हैं, बल्कि बांग्लादेश को एक बार फिर अस्थिरता की ओर धकेल सकते हैं।

“हमने जिनकी वजह से हजारों जानें गंवाईं, आज उन्हें खुली छूट दी जा रही है। क्या यही लोकतंत्र है?”


अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हस्तक्षेप का आरोप

हसीना ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि डॉ. यूनुस विदेशी ताकतों, खासकर अमेरिका, के समर्थन से सत्ता में आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति एक पूर्व नियोजित वैश्विक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय संतुलन को प्रभावित करना हो सकता है।


सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

डॉ. यूनुस या अंतरिम प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि शेख हसीना का यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बांग्लादेश की छवि और विदेश नीति को प्रभावित कर सकता है


क्या हसीना इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र तक ले जाएंगी?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शेख हसीना जल्द ही यह मुद्दा संयुक्त राष्ट्र या अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के समक्ष उठा सकती हैं। इससे पहले भी उन्होंने डॉ. यूनुस पर “विदेशी हितों के लिए काम करने” का आरोप लगाया था।

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