उत्तर भारत खासकर उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए राज्य सरकार ने हीटवेव को लेकर विस्तृत एडवाइजरी जारी की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए सतर्कता के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के राहत आयुक्त कार्यालय और स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखते हुए निर्देश दिया है कि लू से बचाव के लिए जनजागरूकता बढ़ाई जाए और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। पिछले 48 घंटों में कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है, जिससे लू का खतरा और बढ़ गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए बचाव के उपाय
स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने संयुक्त रूप से नागरिकों को हीटवेव से बचाने के लिए निम्नलिखित सुझाव जारी किए हैं:
🔹 कपड़ों और धूप से सुरक्षा
– घर से बाहर निकलते समय हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें।
– छाता, टोपी और धूप का चश्मा उपयोग करें।
🔹 हाइड्रेशन बनाए रखें
– दिन भर में नींबू पानी, नारियल पानी, शिकंजी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें।
– कैफीन और कोल्ड ड्रिंक जैसी डिहाइड्रेटिंग चीजों से बचें।
🔹 दोपहर में बाहर जाने से बचें
– दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से यथासंभव बचें।
– इस समय तापमान सबसे अधिक होता है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है।
🔹 कमजोर वर्गों के लिए विशेष सतर्कता
– बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें।
– बच्चों को दिन में बाहर खेलने से रोकें और उन्हें ठंडी जगह पर रखें।
🔹 खानपान पर ध्यान दें
– बासी, भारी या अत्यधिक प्रोटीन वाला खाना खाली पेट न खाएं।
– हल्का और ताजा भोजन लें।
🔹 मजदूरों और कामगारों के लिए दिशा-निर्देश
– निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को छायादार और ठंडी जगह पर काम करने की सुविधा दी जाए।
– सुबह या शाम के समय भारी कार्य कराया जाए।
🔹 गंभीर लक्षणों को न करें नजरअंदाज
– यदि किसी को तेज बुखार, चक्कर, सिरदर्द, उल्टी, त्वचा का सूखना या लाल पड़ना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं।
– आपात स्थिति में एम्बुलेंस सेवा 108 पर संपर्क करें।
हीटवेव की स्थिति में लापरवाही जानलेवा हो सकती है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग की सलाह मानते हुए सतर्क रहना ही इस समय सबसे बड़ा बचाव है।

