
‘विनाशकाले विपरीत बुद्धि’ बताया
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया के जरिए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो सरकार लोगों के खाने-पीने और सामाजिक कार्यक्रमों पर रोक लगाने की कोशिश करती है, वह अपनी कमजोरी छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे “विनाशकाले विपरीत बुद्धि” बताया।
ब्राह्मण समाज का जिक्र
सपा प्रमुख ने कहा कि जिस समाज के सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है, वह सब समझ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में शामिल उसी समाज के कई मंत्री, सांसद और विधायक भी इस मामले में असहज महसूस कर रहे हैं। अखिलेश का कहना है कि जनता आने वाले चुनाव में इसका जवाब देगी।
बाटी-चोखा भोज से शुरू हुआ विवाद
दरअसल नए साल पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपनी पार्टी के कुछ ब्राह्मण विधायकों और एमएलसी को बाटी-चोखा भोज में शामिल होने पर चेतावनी दी थी। भाजपा ने इसे जाति आधारित कार्यक्रम और अनुशासनहीनता बताया था।
इसी के बाद अखिलेश यादव ने सपा मुख्यालय में बाटी-चोखा का कार्यक्रम आयोजित किया और कहा कि भाजपा अपनी ही पार्टी के नेताओं का अपमान कर रही है।
कोविड नियमों पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जब विपक्ष या कोई समाज अपना कार्यक्रम करता है तो प्रशासन कोविड नियमों या अन्य कारणों का हवाला देकर उसे रोक देता है। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या यही नियम भाजपा के कार्यक्रमों पर भी लागू होते हैं।
इस पूरे मुद्दे को लेकर यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
