
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में इस बार बाघ नहीं, बल्कि दो लेपर्ड (चित्ते) आमने-सामने आ गए और दोनों के बीच जबरदस्त लड़ाई हो गई। यह नजारा त्रिनेत्र गणेश मंदिर के रास्ते में देखने को मिला, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए जा रहे थे।
डेढ़ से दो मिनट तक चली लड़ाई
बुधवार को जैसे ही श्रद्धालु मंदिर की ओर बढ़ रहे थे, दो लेपर्ड अचानक आमने-सामने आ गए। दोनों ने एक-दूसरे को देखते ही आक्रामक रुख अपना लिया और करीब डेढ़ से दो मिनट तक लड़ते रहे। बाद में दोनों जंगल की ओर भाग गए।
लोग हुए रोमांचित, लग गई भीड़
इस रोमांचक दृश्य को देखकर वहां मौजूद पर्यटक और श्रद्धालु हैरान रह गए और कुछ ने इसे कैमरे में कैद भी कर लिया। हालांकि, इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज करते हुए लोग मौके पर जमा हो गए, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
रणथंभौर में लेपर्ड की अच्छी संख्या
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 100 से ज्यादा लेपर्ड हैं। ये कुंडेरा, फलौदी, खंडार और आरओपीटी रेंज में अधिक संख्या में देखे जाते हैं। यहाँ बाघों के साथ-साथ पर्यटक लेपर्ड की भी शानदार साइटिंग का आनंद ले सकते हैं।
निष्कर्ष
रणथंभौर में इस तरह की घटनाएं अक्सर रोमांचक होती हैं, लेकिन पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षा का ध्यान जरूर रखना चाहिए। वन्यजीवों का व्यवहार अचानक बदल सकता है, इसलिए जंगल में सतर्कता जरूरी है।
