

राजसमंद। जिले में लगातार बढ़ते सड़क हादसों को लेकर अब प्रशासन ने गंभीर रुख अपना लिया है। बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने की। बैठक में हादसों की रोकथाम के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा की गई।

🔹 हाईवे पर अवैध पार्किंग और मवेशी बने बड़ी परेशानी
कलेक्टर ने बताया कि हाईवे और स्टेट हाइवे पर अवैध पार्किंग और आवारा मवेशियों की वजह से कई हादसे हो रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे खतरनाक स्थानों को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई की जाए।
🔸 ब्लैक स्पॉट और अवैध कट्स हटेंगे
बैठक में यह भी तय किया गया कि:
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ब्लैक स्पॉट्स (अक्सर दुर्घटनाएं होने वाले स्थानों) की पहचान की जाए
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अवैध कट्स (गैरकानूनी यू-टर्न और रास्ते) हटाए जाएं
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देसूरी नाल क्षेत्र में बार-बार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर सुरक्षा इंतजाम पुख्ता किए जाएं
🔹 ओवरलोड वाहनों पर होगी सख्त निगरानी
कलेक्टर ने कहा कि ओवरलोडिंग और खराब फिटनेस वाले वाहन भी हादसों की बड़ी वजह हैं। इसलिए:
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परमिट, बीमा और फिटनेस की नियमित जांच की जाए
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पुलिस, परिवहन और PWD विभाग मिलकर काम करें
🔸 तकनीक से मिलेगी सड़क सुरक्षा को मजबूती
एनआईसी के डीआईओ मिलिंद शर्मा ने बताया कि तकनीक की मदद से सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है।
जिला परिवहन अधिकारी अभिजीत सिंह ने चालान और कार्रवाई की रिपोर्ट पेश की।
🔹 बैठक में मौजूद अधिकारी
इस बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे, जिनमें:
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रजत विश्नोई
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PWD अधीक्षण अभियंता मगनीराम रैगर
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टोलवेज प्रोजेक्ट हेड जयनंदन मिश्रा
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PWD एसईएन हीरालाल सालवी
और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
निष्कर्ष:
राजसमंद में बढ़ते सड़क हादसों को लेकर अब प्रशासन ने गंभीर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हाईवे पर अवैध पार्किंग, मवेशियों की आवाजाही, ओवरलोडिंग और तकनीकी उपायों पर जोर देकर दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में ठोस पहल की जा रही है।
