Site icon CHANNEL009

राजसमंद: शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ी, नई फर्म की फाइल जयपुर में अटकी

राजसमंद। शहर में सफाई व्यवस्था दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। नगर परिषद ने पुराने ठेकेदार की लापरवाही को देखते हुए नई फर्म को सफाई का टेंडर दे दिया है, लेकिन रेट अप्रूवल की फाइल पिछले एक महीने से जयपुर मुख्यालय में अटकी हुई है। इस कारण नए ठेकेदार को अभी तक वर्क ऑर्डर नहीं मिल पाया है, और पुरानी फर्म लापरवाही से काम कर रही है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्या है मामला?

  • अक्टूबर 2023 में नगर परिषद ने प्रतापगढ़ की सृजन सेवा संस्थान को 3 साल के लिए घर-घर कचरा संग्रहण का ठेका दिया था।

  • संस्था को 1250 रुपए प्रति टन के हिसाब से भुगतान हो रहा था।

  • काम से असंतुष्ट होकर परिषद ने ठेका रद्द कर दिया और नई निविदा मंगवाई।

  • जांच के बाद एक जयपुर की फर्म को टेंडर मिला, लेकिन रेट अप्रूवल की फाइल मार्च की शुरुआत में मुख्यालय भेजी गई, जो अभी तक अटकी हुई है।

क्या हो रहा है सफाई में?

  • मुख्य सड़कों पर झाड़ू तो लग रही है, लेकिन कचरा पात्र समय पर नहीं खाली हो रहे

  • घर-घर कचरा संग्रहण भी नियमित नहीं हो रहा।

  • अंदुरुनी इलाकों की हालत ज्यादा खराब है — जैसे विलास इलाके में कचरा नाली में भर गया है, शांति कॉलोनी में भी कचरा फैला पड़ा है।

कचरा निस्तारण भी बंद

  • शहर से निकला कचरा गुर्जरों के गुढ़ा ट्रेचिंग ग्राउंड भेजा जाता था, जहां कचरे से RDF और कंपोस्ट बनता था।

  • लेकिन फर्म के काम बंद करने और भुगतान नहीं मिलने के कारण, नगर परिषद ने उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया है।

  • अब नया टेंडर लाने की तैयारी की जा रही है।

क्या बोले नगर परिषद आयुक्त?

“नई फर्म के टेंडर की रेट अप्रूवल के लिए फाइल मुख्यालय भेजी गई है। जैसे ही स्वीकृति मिलती है, वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा। एक अधिकारी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। जल्द ही फैसला होने की उम्मीद है।”
बृजेश रॉय, आयुक्त, नगर परिषद राजसमंद

निष्कर्ष: जब तक फाइल पर मुख्यालय से मुहर नहीं लगती, तब तक सफाई व्यवस्था सुधरने की उम्मीद कम है। जनता को फिलहाल इसी स्थिति में गुजर-बसर करनी पड़ रही है।

Exit mobile version