
राजस्थान के टोंक जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर और आदिवासी महापुरुष बिरसा मुंडा की मूर्तियां खंडित मिलने से लोगों में गहरा गुस्सा फैल गया। यह घटना दतवास उप तहसील कार्यालय के पास हुई, जहां सोमवार को अंबेडकर जयंती मनाने के लिए लोग पहुंचे थे।
टूटी हुई मूर्ति देख भड़के लोग
जब लोग स्मारक पर पहुंचे तो देखा कि अंबेडकर जी की मूर्ति का चश्मा टूटा हुआ है। यह देखकर लोगों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मूर्ति तोड़ने वाले आरोपी की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस ने 1 घंटे में आरोपी को पकड़ा
घटना की सूचना मिलते ही दत्तवास थानाधिकारी कालूराम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में निवाई उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार हरसोलिया और थानाधिकारी रामजीलाल बैरवा भी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत करने की कोशिश की।
पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि आरोपी ने यह हरकत जमीन विवाद की वजह से की। जहां मूर्ति लगी हुई थी, वह जमीन किसी व्यक्ति की खाते की जमीन है और उसी विवाद को लेकर उसने यह कदम उठाया।
लोगों ने सौंपा पांच सूत्रीय ज्ञापन
आक्रोशित लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी हिरासत में है।
यह घटना उस समय हुई जब लोग अंबेडकर जयंती के मौके पर उन्हें श्रद्धांजलि देने आए थे। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन पुलिस ने तेजी से कार्रवाई कर स्थिति को संभाल लिया।
