
35 करोड़ की लागत से होगा काम
इन 21 जल योजनाओं पर करीब 35 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले भी इन गांवों में टेंडर निकाले गए थे, लेकिन ठेकेदारों की रुचि न होने के कारण काम शुरू नहीं हो सका था। टिटपुरी गांव में तो चौथी बार टेंडर लगा है। अब उम्मीद है कि सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही हर घर में नल से पानी पहुंचने लगेगा।
इन गांवों में होगा काम शुरू
जल्द ही जिन गांवों में काम शुरू होगा, उनमें शामिल हैं:
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गालाखेड़ा मेदपुरा – ₹1.37 करोड़
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कुट्टीन साबदास बंगन का नंगला – ₹1.50 करोड़
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खेड़ा मैदा – ₹1.60 करोड़
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दारौंदा – ₹1.26 करोड़
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गारू – ₹2.16 करोड़
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अरूवा – ₹1.53 करोड़
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ढहरीन दातवाड – ₹1.33 करोड़
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खेड़ा कल्याणपुर – ₹1.47 करोड़
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भनोखर – ₹2.23 करोड़
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टिटपुरी – ₹1.65 करोड़
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मानखेड़ा – ₹0.87 लाख
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जटवाड़ा खेड़ा लखनपुर – ₹1.67 करोड़
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डोरोली – ₹1.75 करोड़
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नाटौज – ₹1.22 करोड़
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जहाडू – ₹1.27 करोड़
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खौंखर – ₹2.50 करोड़
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अडोली – ₹1.29 करोड़
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दांतिया चैनपुरा – ₹2.65 करोड़
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हुलियाना – ₹1.14 करोड़
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समोची – ₹2.68 करोड़
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कालवाडी – ₹2.24 करोड़
30 जून तक मिल सकता है कार्यादेश
पीएचईडी विभाग के अधिशासी अभियंता महेंद्र मीणा ने बताया कि इन योजनाओं का कार्यादेश 30 जून तक मिल सकता है, जिसके बाद तुरंत काम शुरू कर दिया जाएगा।
विधायक का दावा: जल्द मिलेगी मंजूरी
कठूमर के विधायक रमेश खींची ने कहा कि वे इन योजनाओं की वित्तीय स्वीकृति जल्द दिलाने के लिए प्रयासरत हैं ताकि सभी गांवों में जल्दी से पीने का पानी मिल सके।
निष्कर्ष:
अगर योजनाएं तय समय पर शुरू होती हैं, तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी और हर घर नल से जल का सपना साकार हो सकेगा।
