
योजना मार्च 2028 तक लागू होगी
ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक ने बताया कि योजना को तीन साल में मार्च 2028 तक फेज-वाइज लागू किया जाएगा। इस दौरान जो उपभोक्ता नई योजना से नहीं जुड़ेंगे, उन्हें पुरानी सब्सिडी मिलती रहेगी। फिलहाल, योजना में 1.04 करोड़ उपभोक्ताओं को जोड़ा जाएगा, जो पहले से मुफ्त बिजली योजना में पंजीकृत हैं।
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
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जो लोग पहले से मुफ्त बिजली योजना में रजिस्टर्ड हैं, उन्हें सीधे योजना का लाभ मिलेगा।
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जो लोग पीएम सूर्यघर योजना से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें भी छूट दी जाएगी।
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ऐसे उपभोक्ताओं को बिजली खर्च में 5 पैसे प्रति यूनिट की अतिरिक्त छूट मिलेगी।
नया बिजली बिल फॉर्मूला
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150 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को शून्य बिल मिलेगा, लेकिन उन्हें 75 रुपए मीटर चार्ज देना होगा।
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150 यूनिट से ज्यादा बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली शुल्क, स्थायी शुल्क, इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी, अरबन सेस और फ्यूल सरचार्ज देना होगा।
कैसे मिलेगा लाभ?
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1.1 किलोवाट सोलर पैनल की अनुमानित कीमत 50,000 रुपए है।
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केंद्र सरकार 33,000 रुपए की सब्सिडी देगी, जबकि बाकी 17,000 रुपए राज्य सरकार वहन करेगी।
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अगर कोई उपभोक्ता इससे अधिक क्षमता का सोलर पैनल लगाना चाहता है, तो भी राज्य सरकार अधिकतम 17,000 रुपए की ही सहायता देगी।
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राज्य सरकार यह पैसा डिस्कॉम के जरिए लोन लेकर चुकाएगी।
निष्कर्ष
राजस्थान सरकार की यह योजना लोगों को मुफ्त बिजली देने के साथ-साथ सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिलेगी और बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
