
एक साल में 13 हजार करोड़ से ज्यादा की बढ़त
आंकड़ों के अनुसार:
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वर्ष 2024-25 में कुल निर्यात करीब 97,171 करोड़ रुपये रहा।
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वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 83,704 करोड़ रुपये था।
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यानी एक साल में करीब 13,467 करोड़ रुपये की बढ़त दर्ज की गई।
यह वृद्धि राजस्थान को विकसित राज्य बनाने की दिशा में मजबूत कदम मानी जा रही है।
इन 5 सेक्टरों ने दिखाई ताकत
राजस्थान के कुल निर्यात में पांच प्रमुख क्षेत्रों की हिस्सेदारी 67% से ज्यादा है:
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अभियांत्रिकी (Engineering) – 16,592 करोड़ से बढ़कर 19,849 करोड़
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रत्न एवं आभूषण – 11,183 करोड़ से बढ़कर 17,567 करोड़ (करीब 57% की बढ़त)
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कपड़ा (Textiles) – 8,819 करोड़ से बढ़कर 9,700 करोड़
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धातु (Metals) – 9,857 करोड़ से बढ़कर 10,024 करोड़
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हस्तशिल्प (Handicrafts) – 7,986 करोड़ से बढ़कर 8,444 करोड़
इन क्षेत्रों ने वैश्विक बाजार में राजस्थान की मजबूत पहचान बनाई है।
कृषि निर्यात पर भी खास ध्यान
सरकार कृषि उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा दे रही है।
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अगले साल “कॉन्क्लेव ऑन स्पाइसेज” का आयोजन किया जाएगा।
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2 हजार किसानों और व्यापारियों को निर्यात और प्रोसेसिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी।
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2024-25 में कृषि और खाद्य उत्पादों का निर्यात 7,195 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से लगभग 700 करोड़ रुपये ज्यादा है।
निर्यात प्रोत्साहन नीति का असर
सरकार की निर्यात प्रोत्साहन नीति-2024 का सकारात्मक असर दिख रहा है।
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सिंगल विंडो सिस्टम से प्रक्रियाएं आसान हुईं।
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उत्पाद परीक्षण, गुणवत्ता प्रमाणन और अंतरराष्ट्रीय मेलों में भाग लेने के लिए 75% तक आर्थिक सहायता दी जा रही है।
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ई-कॉमर्स से निर्यात करने वाले एमएसएमई को विशेष सुविधा दी जा रही है।
रोजगार के नए अवसर
निर्यात बढ़ने से नई फैक्ट्रियां और प्रोसेसिंग यूनिट्स खुल रही हैं। इससे ग्रामीण और शहरी इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
निष्कर्ष
निर्यात के बढ़ते आंकड़े दिखाते हैं कि राजस्थान तेजी से आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है। वैश्विक बाजार में प्रदेश की पहचान बढ़ रही है और यह आगे चलकर राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती देगा।
