
इलाज शुरू होने में कम लगेगा समय
नए कार्डियक सेंटर के शुरू होने से हार्ट अटैक के मरीजों के इलाज का समय करीब 30 मिनट से 1 घंटे तक कम हो जाएगा। इससे कई मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
अभी तक SMS अस्पताल की इमरजेंसी में आने वाले हार्ट अटैक मरीजों को इलाज के लिए बांगड़ कार्डियोलॉजी अस्पताल ले जाना पड़ता है। इस प्रक्रिया में मरीज को एम्बुलेंस या स्ट्रेचर से ले जाने और अन्य औपचारिकताओं में काफी समय लग जाता है।
एक ही जगह मिलेंगी सभी सुविधाएं
नए कार्डियक सेंटर में मरीजों के इलाज के लिए सभी जरूरी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी। यहां
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कैथ लैब
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आईसीयू
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मॉनिटरिंग सिस्टम
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इमरजेंसी कार्डियक इलाज
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विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
मौजूद रहेगी। इससे मरीज को सीधे कार्डियक सेंटर में ले जाकर तुरंत इलाज शुरू किया जा सकेगा।
तैयारियां लगभग पूरी
अस्पताल प्रशासन के अनुसार सेंटर के लिए जरूरी उपकरण लगभग लगाए जा चुके हैं। साथ ही डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की भी व्यवस्था की जा रही है। तकनीकी जांच और अंतिम तैयारियां पूरी होने के बाद इसे जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
क्यों जरूरी है यह सेंटर
डॉक्टरों के अनुसार हार्ट अटैक के बाद शुरुआती एक घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है, जिसे “गोल्डन ऑवर” कहा जाता है। इस समय के भीतर इलाज शुरू होने पर मरीज के बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसका कारण तनाव, खराब जीवनशैली, धूम्रपान और हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है।
SMS अस्पताल में यह नया कार्डियक सेंटर शुरू होने के बाद प्रदेश भर से आने वाले हजारों हृदय रोगियों को तेज और बेहतर इलाज मिल सकेगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इसे मार्च के अंत या अप्रैल के पहले सप्ताह तक शुरू करने की योजना है।
