
✈️ पायलट बनने के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर
राज्य सरकार लालगढ़ एयरस्ट्रिप पर फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (FTO) शुरू करने की योजना बना रही है। इससे स्थानीय युवाओं को पायलट बनने का प्रशिक्षण यहीं पर मिल सकेगा। अभी युवाओं को इसके लिए दिल्ली, जयपुर या अन्य शहरों में जाना पड़ता है।
📍 कहां-कहां बनेंगे FTO?
लालगढ़ के साथ-साथ सीकर, झुंझुनूं, चूरू, झालावाड़ और भीलवाड़ा में भी FTO खोलने की तैयारी है। इससे राज्य में विमानन क्षेत्र का विकास होगा और युवाओं को रोजगार के नए मौके मिलेंगे।
💸 7.5 करोड़ से होगा हवाई पट्टी का विस्तार
लालगढ़ हवाई पट्टी का विस्तार मौजूदा जगह पर ही किया जाएगा। इसके लिए चारदीवारी, यात्री सुविधाएं और नई एयरस्ट्रिप का निर्माण किया जाएगा।
📏 एयरस्ट्रिप की लंबाई बढ़ेगी
-
अब तक की लंबाई: 1300 मीटर
-
बढ़कर होगी: 1600 मीटर
-
इससे 50 से 70 सीटों वाले बड़े विमान (ATR 42-600, ATR 72-600) आसानी से टेकऑफ और लैंडिंग कर सकेंगे।
🛫 ATR विमानों के लिए कितनी लंबाई जरूरी?
-
ATR 42-600: लगभग 1100 मीटर
-
ATR 72-600: लगभग 1350 मीटर
-
नई लंबाई (1600 मीटर) दोनों विमानों के लिए उपयुक्त होगी।
🧭 यात्रियों को मिलेंगी सुविधाएं
विस्तार के बाद यहां से जयपुर और दिल्ली के लिए हवाई सेवा शुरू की जा सकेगी। भविष्य में अन्य बड़े शहरों से जुड़ने के भी रास्ते खुलेंगे। यात्रियों को बीकानेर एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
🛬 पहले भी हुई हैं उड़ानें
-
1960 में दिल्ली से श्रीगंगानगर के लिए पहली हवाई सेवा शुरू हुई थी।
-
2018 में सुप्रीम एयरलाइंस ने जयपुर-श्रीगंगानगर सेवा शुरू की, लेकिन रनवे दुर्घटना के बाद बंद हो गई।
📣 विधायक का बयान
गुरवीर सिंह बराड़ (विधायक, सादुलशहर) ने कहा कि एयरस्ट्रिप की लंबाई बढ़ाने के लिए 300 मीटर जमीन की जरूरत है, जो छावनी क्षेत्र से ली जाएगी। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और अलग बजट की मांग भी की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक साल में काम पूरा हो जाएगा।
निष्कर्ष: लालगढ़ हवाई पट्टी का विस्तार न सिर्फ क्षेत्रीय विकास में मदद करेगा, बल्कि यहां के युवाओं के सपनों को उड़ान भी देगा।
