
उत्तर पश्चिम रेलवे के तहत राजस्थान के पांच रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प हो चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बनाए जा रहे 77 स्टेशनों में से ये पांच स्टेशन पूरी तरह तैयार हो गए हैं। अब बस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन का इंतजार है, जिसके बाद ये स्टेशन आम यात्रियों के लिए खोल दिए जाएंगे।
किन-किन स्टेशनों का विकास हुआ
-
राजगढ़
-
फतेहपुर शेखावाटी
-
मंडी डबवाली
-
देशनोक
-
गोगामेड़ी
इसके अलावा गांधीनगर, उदयपुर सिटी और जैसलमेर स्टेशनों पर काम आखिरी चरण में है और ये भी जुलाई से अक्टूबर के बीच तैयार हो जाएंगे।
यात्रियों को मिलेंगी ये सुविधाएं
-
आधुनिक प्रतीक्षालय और वेटिंग रूम
-
कोच इंडिकेशन सिस्टम
-
दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं
-
चौड़ा फुट ओवर ब्रिज (12 मीटर)
-
स्टेशन की सुंदर आंतरिक और बाहरी सजावट
-
लोक कला और क्षेत्रीय वास्तुकला की झलक
-
अलग प्रवेश और निकास द्वार
-
भव्य पार्किंग
-
बड़े स्टेशनों पर एग्जीक्यूटिव लाउंज
-
लिफ्ट और एस्केलेटर
-
फूड कोर्ट, कैफेटेरिया और रिटेल शॉप्स
-
ग्रीन बिल्डिंग डिजाइन
-
हाईटेक सुरक्षा और बैगेज स्कैनर
-
बच्चों के खेलने के लिए एरिया और डिजिटल साइनेज
कितना खर्च हुआ
-
उदयपुर सिटी स्टेशन: ₹354 करोड़
-
गांधीनगर स्टेशन: ₹212 करोड़
-
जैसलमेर स्टेशन: ₹140 करोड़
-
फतेहपुर शेखावाटी स्टेशन: ₹15.57 करोड़
-
राजगढ़ स्टेशन: ₹13.10 करोड़
-
देशनोक स्टेशन: ₹14.18 करोड़
-
गोगामेड़ी स्टेशन: ₹14.06 करोड़
-
मंडी डबवाली स्टेशन: ₹13.23 करोड़
रेलवे का बयान
रेलवे के सीपीआरओ कैप्टन शशिकिरण ने बताया कि इन स्टेशनों के नवीनीकरण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही क्षेत्रीय पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। ये स्टेशन अब केवल यात्रा का साधन नहीं रहेंगे, बल्कि शहरों की नई पहचान बनेंगे।
कुल खर्च
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 77 स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर कुल 776 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इनमें छोटे और बड़े सभी श्रेणी के स्टेशन शामिल हैं।
