
नई गाइडलाइन में क्या है
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पंच और सरपंच चुनावों में ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होगा, केवल बैलेट पेपर, बैलेट बॉक्स और मतगणना की पारंपरिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
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जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव ईवीएम से होंगे, लेकिन जहां मशीनों की कमी होगी, वहां बैलेट बॉक्स की वैकल्पिक व्यवस्था रखी जाएगी।
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सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक संसाधन सुनिश्चित करने और समय पर चुनाव तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
बदलाव का कारण
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पिछले तीन पंचायत चुनावों में सभी पदों के लिए ईवीएम का इस्तेमाल होता रहा है।
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इस बार बैलेट प्रणाली की वापसी को ग्राम स्तर पर मतदान प्रक्रिया को सुचारु और पारदर्शी बनाने के लिए किया गया है।
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ईवीएम की संख्या सीमित होने और बड़े पैमाने पर ग्रामीण चुनाव होने के कारण दोनों विकल्प (बैलेट और ईवीएम) रखे गए हैं।
अन्य तैयारियां
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा ने कहा कि मतदाता सूचियां फोटोयुक्त तैयार की जा रही हैं, जिनका अंतिम प्रकाशन 25 फरवरी 2026 को होगा।
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पंच और सरपंच के लिए मतदाता मतपेटी से मतदान करेंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति के लिए ईवीएम का इस्तेमाल होगा।
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मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग की एमपीएसवी ईवीएम भी मंगाई जा रही हैं।
यह बदलाव पंचायत चुनावों में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। ग्रामीण मतदाता अब सीधे मतपेटी और ईवीएम दोनों माध्यमों से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।
