
क्यों जरूरी थी यह व्यवस्था?
- भ्रष्टाचार रोकने के लिए रोस्टर प्रणाली लागू की गई थी।
- इसके तहत हर महीने पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदली जाती है ताकि वे एक ही ट्रैफिक पॉइंट पर लंबे समय तक न रहें।
- सात महीने से यह सिस्टम बंद था, लेकिन अब इसे फिर से शुरू कर दिया गया है।
ट्रैफिक पॉइंट्स की स्थिति
- जयपुर शहर में 415 ट्रैफिक पॉइंट्स हैं, जहां पुलिसकर्मी तैनात होते हैं।
- इनमें से 40 पॉइंट्स ऐसे हैं, जहां वसूली के आरोप लगते रहे हैं।
- कई पुलिसकर्मी इन्हीं पॉइंट्स पर ड्यूटी लगवाने की कोशिश करते हैं।
मीडिया की भूमिका
- पत्रिका ने खबर प्रकाशित कर रोस्टर प्रणाली के ठप होने का मुद्दा उठाया था।
- इसके बाद डीसीपी (ट्रैफिक) ने इसे दोबारा शुरू करने का फैसला किया।
अब पुलिसकर्मियों की ड्यूटी पारदर्शी तरीके से बदली जाएगी, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और भ्रष्टाचार पर लगाम लग सकेगी।
