
कैसे जुड़ा था पेपर लीक गिरोह से?
राजेंद्र यादव, जयपुर के शहीद मेजर दिग्विजय सिंह सुमाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, खातीपुरा में तृतीय श्रेणी शिक्षक था। झोटवाड़ा के कुमावत कॉलोनी में रहने वाले इस शिक्षक का पेपर लीक गिरोह के सरगना जगदीश बिश्नोई से संपर्क हुआ। इसके बाद वह गिरोह के साथ मिलकर परीक्षा से पहले पेपर बाहर निकालने लगा।
बेटे और बहू को पहले ही पढ़ाया पेपर
राजेंद्र यादव ने पुलिस भर्ती परीक्षा-2021 का प्रश्न पत्र जगदीश बिश्नोई से लिया और अपने बेटे सिद्धार्थ को पढ़ाया। इसी पेपर की मदद से उसका बेटा SI (सब-इंस्पेक्टर) और JEN (कनिष्ठ अभियंता, PWD) बन गया। इसके अलावा, बहू विनिता को भी प्रथम श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर पहले ही पढ़ाया, जिससे उसका महारानी स्कूल में चयन हो गया।
शिक्षा विभाग में कई कर्मचारी संदेह के घेरे में
प्रदेश में अभी भी कई शिक्षा विभाग के कर्मचारी और अधिकारी पेपर लीक गिरोह में शामिल बताए जा रहे हैं। हाल ही में 95 संदिग्ध कर्मचारियों की सूची कार्मिक विभाग को सौंपी गई, जिन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। शिक्षा विभाग ने अब बर्खास्तगी की कार्रवाई तेज कर दी है।
