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राजस्थान फर्स्ट ग्रेड परीक्षा में समय से पहले भरवाई OMR शीट, 3 स्टाफ निलंबित – कलेक्टर का बड़ा एक्शन

झुंझुनूं:
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से आयोजित स्कूल व्याख्याता (First Grade) भर्ती परीक्षा के पहले दिन बड़ी लापरवाही सामने आई है। झुंझुनूं के सीतसर स्थित टैगोर स्कूल परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों से समय से पहले OMR शीट भरवा ली गई, जिससे छात्रों को नुकसान हुआ।

क्या हुआ परीक्षा में?

परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक तय था, लेकिन छात्रों का आरोप है कि सुबह 11 बजे ही वीक्षक ने कहा कि बस 10 मिनट बाकी हैं और जल्दी OMR शीट भर दो। इससे घबराहट में कई छात्रों ने पेपर अधूरा छोड़ दिया या गलत जवाब भर दिए।

छात्रों ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर कोई घड़ी नहीं थी, और हाथ में घड़ी पहनने की अनुमति नहीं थी, जिससे उन्हें समय का अंदाज़ा नहीं लग पाया। वो वीक्षकों की बातों पर भरोसा कर बैठे, जिससे उनका पेपर खराब हो गया।

छात्रों की चिंता:

छात्रों ने कहा, “हम कई सालों से इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। अब जब सपना टूट गया तो इसका जिम्मेदार कौन है? सिर्फ टीचरों को निलंबित करना काफी नहीं है।”

मौके पर पहुंचे अधिकारी:

घटना की जानकारी मिलने पर उपखंड अधिकारी हवाई सिंह यादव तुरंत परीक्षा केंद्र पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। छात्रों ने अपनी शिकायत लिखित में एडीएम अजय कुमार आर्य को दी। अधिकारी ने बताया कि छात्रों से मिली जानकारी को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी

इन शिक्षकों को किया गया निलंबित:

  1. मनीषा (सुपरवाइजर):

    • कार्यरत: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देवगांव

    • लापरवाही के चलते निलंबित, मुख्यालय – जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक)

  2. दिनेश कुमार सैनी (वीक्षक):

    • कार्यरत: राजकीय प्राथमिक विद्यालय, घोरानी जोहड़ी

    • निलंबित, मुख्यालय – जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक)

  3. अनिता जांगिड़ (वीक्षक):

    • कार्यरत: राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, मोहल्ला नायकान

    • निलंबित, मुख्यालय – जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक)

प्रशासन का बयान:

एडीएम अजय कुमार आर्य ने कहा,

“तीन स्टाफ को निलंबित किया गया है। पूरे मामले की रिपोर्ट RPSC को भेजी जाएगी और उनसे आगे की कार्यवाही के लिए मार्गदर्शन मांगा जाएगा।”

यह लापरवाही कई छात्रों के भविष्य पर असर डाल सकती है, इसलिए प्रशासन अब इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।

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