Site icon CHANNEL009

राजस्थान: बरड़ क्षेत्र में सिवायचक भूमि पर धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन, अधिकारी बने हुए हैं मौन

बरड़ (बूंदी जिला):
बरड़ क्षेत्र में खनन माफियाओं की मनमानी जारी है। यहां लीज क्षेत्र के साथ सिवायचक (सरकारी) भूमि का सीमांकन न होने से अवैध खनन रुक नहीं रहा है। मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बावजूद प्रशासन की लापरवाही के कारण खनन माफिया फायदा उठा रहे हैं।

सीमांकन नहीं, इसलिए कार्रवाई नहीं:
राजस्व अधिकारियों का कहना है कि लीज मिलने के बाद खनन क्षेत्र का सीमांकन नहीं हुआ है, इसलिए यह साफ नहीं हो पाता कि खनन सही जगह हो रहा है या अवैध रूप से सिवायचक जमीन पर। इसी का फायदा उठाकर खननकर्ता गैर-लीज क्षेत्र में भी खुदाई कर रहे हैं।

639 लीज में से कई बंद, फिर भी धड़ल्ले से खनन:
बरड़ क्षेत्र में कुल 639 लीज आवंटित हैं। इनमें से कई बंद हैं, लेकिन कुछ जगहों पर लीज क्षेत्र से ज्यादा खुदाई की जा रही है। इसकी जानकारी होने पर भी सीमांकन के अभाव में कार्रवाई नहीं हो पा रही।

डाबी माल, डसालिया और ऐरू नदी इलाकों में ज्यादा खनन:
इन इलाकों में गेप एरिया यानी लीज के बाहर की सिवायचक जमीन पर खनन जोरों पर है। खनिज विभाग इसे लीज का हिस्सा नहीं मानता और राजस्व विभाग की ओर से संयुक्त रूप से नाप-जोख नहीं की जाती, इसलिए माफिया बेखौफ खनन कर रहे हैं।

जुर्माना लगने के बाद भी जारी है अवैध खुदाई:
चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ क्षेत्रों में पूर्व में जुर्माना लग चुका है, इसके बावजूद वही खननकर्ता फिर से उसी जमीन पर खुदाई कर रहे हैं।

बिना पर्यावरण मंजूरी के चल रही मशीनें:
डसालिया गांव में बिना पर्यावरण स्वीकृति (ईसी) के खनन किया जा रहा है। इसकी शिकायत मंत्री व अन्य अधिकारियों से भी की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

लीज की आड़ में चल रहा बड़ा खेल:
कुछ खननकर्ता लीज क्षेत्र के पास स्थित राजस्व या सिवायचक भूमि पर भी खनन कर रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई में यह बात सामने आई, लेकिन राजस्व विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

थानाधिकारी की अपील:
हेमराज शर्मा, थानाधिकारी डाबी ने कहा कि यदि कहीं भी अवैध खनन हो रहा हो तो पुलिस को सूचना दें, पुष्टि होने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

नायब तहसीलदार की राय:
अनिल धाकड़, नायब तहसीलदार डाबी ने कहा कि सरकार से आदेश मिलने पर ही सिवायचक भूमि का सीमांकन होता है। खनिज विभाग को चाहिए कि लीज से जुड़ी जानकारी जैसे लीजधारक का नाम, खसरा नंबर, अधिकारी का नाम और फोन नंबर सार्वजनिक करें, ताकि क्षेत्र में लीज की स्थिति स्पष्ट हो सके। इससे अवैध खनन पर कुछ हद तक रोक लग सकती है।

निष्कर्ष:
सीमांकन की कमी और विभागों के तालमेल की कमी के चलते बरड़ क्षेत्र में अवैध खनन जोरों पर है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है और खनन माफियाओं पर लगाम लगती है या नहीं।

Exit mobile version