
महिला प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला
इस बार 23 में से 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों पर 57 महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ रही हैं। कुल 234 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और भी कड़ा हो गया है। महिला उम्मीदवारों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है और वे जोर-शोर से प्रचार कर रही हैं।
पहले बहुत कम थी महिलाओं की भागीदारी
अब तक राजस्थान बार काउंसिल में केवल दो महिला सदस्य ही रही हैं—कमला जैन और सुनीता सत्यार्थी। लेकिन अब स्थिति बदल रही है और महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चुनाव
इस बार चुनाव सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में हो रहे हैं। पूर्व न्यायाधीश सुधांशु धूलिया इसकी निगरानी कर रहे हैं। वहीं, तीन सदस्यीय कमेटी राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में चुनाव करवा रही है। राजस्थान में पूर्व न्यायाधीश मनोज गर्ग ऑब्जर्वर हैं और वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन आचार्य को चुनाव अधिकारी बनाया गया है।
मतदान की पूरी तैयारी
प्रदेश में कुल 239 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। हर केंद्र पर पोलिंग अधिकारी और सहायक मौजूद रहेंगे। साथ ही स्थानीय प्रशासन और हाईकोर्ट के प्रतिनिधि भी निगरानी करेंगे।
फैक्ट फाइल
- कुल पद: 25 (23 पर चुनाव, 2 पद महिलाओं को मनोनीत)
- महिला आरक्षित सीटें: 5
- कुल मतदाता: 84,247
- मतदान समय: सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक (22 अप्रैल)
महिला वकीलों की बढ़ती संख्या
पहले जहां केवल करीब 1200 महिला वकील थीं, वहीं अब उनकी संख्या बढ़कर लगभग 22 हजार हो गई है। इससे साफ है कि अब महिलाओं की भागीदारी और प्रभाव दोनों बढ़ रहे हैं।
