
कलक्टर ने राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और तय समय में लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत आए आवेदनों और स्वीकृतियों की भी समीक्षा की गई। साथ ही स्थापना कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
मंगला पशु बीमा योजना के तहत पशुपालकों को बीमा से जोड़ने और पशुधन हानि की स्थिति में जल्द क्लेम निपटाने पर जोर दिया गया। मानसून को देखते हुए जर्जर और क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत समय से पहले पूरी करने के निर्देश दिए गए। कुसुम योजना के तहत कृषि में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और लाडो प्रोत्साहन योजना की प्रगति की भी समीक्षा हुई।
एडीएम भुवनेश्वर सिंह चौहान ने सतर्कता मामलों और राजस्थान संपर्क पोर्टल पर आई शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण करते समय परिवादी की संतुष्टि का ध्यान रखा जाए और 10 दिनों के भीतर राहत देने का प्रयास किया जाए।
इसके अलावा, जिला स्तरीय मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 के तीसरे चरण की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।
जलग्रहण विकास एवं भू-संरक्षण विभाग के अनुसार, जिले की 27 ग्राम पंचायतों के 85 गांवों में 59,075 हेक्टेयर क्षेत्र में कुल 5,732 जल संरक्षण कार्य किए जाएंगे। इन कार्यों पर लगभग 161.66 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। कलक्टर ने इन कार्यों को समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए और जनभागीदारी को भी जरूरी बताया।
सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने भी जल संरक्षण कार्यों को जमीन पर तेजी से लागू करने और ज्यादा से ज्यादा पक्के निर्माण को प्राथमिकता देने की बात कही। बैठक में जिले के सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
