
राजस्थान के उदयपुर जिले में अफीम किसानों ने डोडा चूरा नष्ट करने के मुआवजे को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। भारी संख्या में किसान सड़कों पर उतर आए और जिला कलेक्टरेट पहुंचकर अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। किसानों की बड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के लिए बैरिकेड्स लगा दिए।
क्यों कर रहे हैं किसान प्रदर्शन?
किसानों का कहना है कि उन्होंने सरकारी नियमों के अनुसार 2018 से 2024 के बीच डोडा चूरा नष्ट किया, लेकिन अब तक इसका मुआवजा नहीं मिला है। इसी मुद्दे को लेकर वे “अफीम किसान संघ राजस्थान-मध्यप्रदेश” के बैनर तले सड़क पर उतर आए।
कहां-कहां से आए थे किसान?
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वल्लभनगर
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मावली
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भीण्डर
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कानोड़
इन तहसीलों से आए अफीम किसान टाउन हॉल में इकट्ठा हुए और वहां से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। रैली के दौरान किसानों ने नारेबाजी भी की।
क्या कहा किसानों ने?
किसानों ने बताया कि सरकार ने जो नियम बनाए, उसके तहत उन्होंने डोडा चूरा को नष्ट किया। अब वे 2018 से लंबित मुआवजे की मांग कर रहे हैं और यह भी चाहते हैं कि 2024-25 के लिए डोडा चूरा नष्ट करने की अनुमति जल्द दी जाए।
प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि उनकी आर्थिक हालत सुधर सके।
निष्कर्ष:
सरकार की तरफ से नष्टीकरण के लिए कहा गया, किसानों ने नियमों का पालन भी किया, लेकिन मुआवजा न मिलने से अब अफीम किसान सड़कों पर उतरकर आवाज़ उठा रहे हैं। प्रशासन से अब उम्मीद की जा रही है कि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई होगी।
