
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी
अभियान के तहत, रास्तों के चिन्हीकरण के बाद उपखंड अधिकारी और तहसीलदार के नेतृत्व में नक्शों और जमाबंदी में दर्ज रास्तों से अतिक्रमण हटाया जाएगा। अगर किसी ने रास्ता घेर रखा है तो उस पर कार्रवाई होगी।
ग्रामीणों को मिलेगी राहत
ग्रामीण इलाकों में रास्तों पर अतिक्रमण की वजह से झगड़े और गुटबाजी होती थी। इस अभियान से रास्ते साफ होंगे और आपसी सामंजस्य भी बढ़ेगा।
अभियान के लिए अधिकारी नियुक्त होंगे
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जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी और सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे।
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हर उपखंड में एक प्रभारी अधिकारी रहेगा।
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रास्ता खुलवाने के प्रयास पहले आपसी सहमति से किए जाएंगे।
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खोले गए रास्तों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करवाई जाएगी।
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रास्ते खुलने के बाद उन पर ग्रेवल या सीसी रोड का निर्माण कराया जाएगा।
हर बुधवार को होगी कार्रवाई
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उपखंड अधिकारी हर सप्ताह तहसीलदार, थानाधिकारी और विकास अधिकारी के साथ बैठक कर रास्तों की समीक्षा करेंगे।
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सप्ताह में कम से कम 10 रास्तों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
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हर बुधवार को अतिक्रमण हटाने और रास्ता खुलवाने के लिए पुलिस और राजस्व अधिकारियों की संयुक्त कार्रवाई होगी।
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अगर बुधवार को कार्रवाई संभव नहीं हो पाती, तो अगले कार्य दिवस पर अनिवार्य रूप से की जाएगी।
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कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहेगा।
यह कार्य भी होंगे
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पुराने रास्तों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराना।
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मुख्य गांव, ढाणियां और खेतों के बीच रास्तों को रिकॉर्ड में चिह्नित करना।
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मनरेगा से बने रास्तों को भी रिकॉर्ड में दर्ज करना।
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बंद रास्तों को खोलना और नए रास्ते बनाना।
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कृषि भूमि के बंटवारे से पहले रास्तों का प्रावधान सुनिश्चित करना।
हरिसिंह देवल, उपखंड अधिकारी, सिरोही ने बताया कि आम जनता की सुविधा के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है और इसकी तैयारियां तेजी से की जा रही हैं।
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