
क्या है मामला?
सुरेंद्रसिंह जाड़ावत का कहना है कि पहले पेंशन राशि 1250 रुपये मिल रही थी। उनका दावा है कि बजट के अनुसार पेंशन हर साल 15 प्रतिशत बढ़नी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
पेंशन बढ़ोतरी का गणित
उन्होंने बताया कि:
-
पहले वर्ष 1000 रुपये की पेंशन को 15 प्रतिशत बढ़ाकर 1150 रुपये किया गया।
-
अगले वर्ष इसे 1325 रुपये होना चाहिए था, लेकिन 1250 रुपये ही रखा गया।
-
वर्तमान में इसे 1500 रुपये करने के बजाय केवल 50 रुपये बढ़ाकर 1300 रुपये किया गया।
उनका आरोप है कि इस तरह पेंशनधारियों को पूरा लाभ नहीं दिया गया और करीब 200 रुपये कम मिल रहे हैं।
सामाजिक न्याय पर सवाल
जाड़ावत ने कहा कि पेंशनधारियों के लिए यह राशि बहुत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उनका खर्च इसी पर निर्भर करता है। उन्होंने सरकार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे जरूरतमंद लोगों को नुकसान हुआ है।
