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राजस्थान में रेल सुरक्षा बढ़ेगी, 5561 किमी ट्रैक पर लगेगा स्वदेशी ‘कवच 4.0’ सिस्टम

रेल यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए उत्तर-पश्चिम रेलवे में आधुनिक कवच 4.0 टक्कररोधी प्रणाली लगाई जा रही है। इस परियोजना पर करीब 2300 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके तहत उत्तर-पश्चिम रेलवे के 5561 किलोमीटर रेल ट्रैक पर यह स्वदेशी तकनीक लागू की जाएगी, जिससे ट्रेन संचालन और ज्यादा सुरक्षित होगा।

कई रेल मार्गों पर काम शुरू

रेलवे ने इस प्रणाली को उत्तर-पश्चिम रेलवे के सभी मंडलों में लागू करने की मंजूरी दे दी है। फिलहाल करीब 1556 किलोमीटर रेल मार्ग पर काम तेजी से चल रहा है

कैसे काम करता है कवच सिस्टम

कवच प्रणाली में संचार नेटवर्क, सिग्नलिंग और ट्रेन के लोको सिस्टम को आपस में जोड़ा जाता है। यदि किसी कारण से ट्रेन खतरे की स्थिति में पहुंचती है, तो यह प्रणाली अपने आप ब्रेक लगा सकती है, जिससे हादसे की संभावना कम हो जाती है।

लगाए जाएंगे 250 नेटवर्क टावर

इस तकनीक को लागू करने के लिए रेलवे ट्रैक के साथ ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) भी बिछाई जा रही है।

  • करीब 1586 किलोमीटर ट्रैक पर OFC का काम शुरू किया जा चुका है।

  • इस काम का लगभग 56 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है

  • ट्रैक के किनारे 250 नेटवर्क टावर लगाए जाएंगे, जिनमें से 221 टावरों पर काम चल रहा है

हर किलोमीटर पर लगेंगे RFID टैग

कवच प्रणाली के तहत रेलवे ट्रैक पर हर एक किलोमीटर पर RFID टैग लगाए जाएंगे। ये टैग ट्रेन की सही लोकेशन बताते हैं। इंजन में लगा लोको सिस्टम इन टैग से जानकारी लेकर स्टेशन और टावर से संपर्क बनाए रखता है।

खतरे की स्थिति में तुरंत चेतावनी

अगर ट्रेन तेज गति से चल रही हो या सिग्नल नियमों का उल्लंघन करे, तो यह प्रणाली चालक को तुरंत चेतावनी देती है। जरूरत पड़ने पर अपने आप ब्रेक लगाकर दुर्घटना रोकने में मदद करती है

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह तकनीक सिग्नलिंग, संचार और लोको सिस्टम को जोड़कर रेल संचालन को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाएगी।

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