
AI मैपिंग से क्या होगा फायदा
- अलवर यूआइटी शहर की सड़कों और नालों की AI आधारित डिजिटल मैपिंग शुरू कर रहा है।
- पहले चरण में इसके लिए 10 लाख रुपए खर्च होंगे।
- डिजिटल नक्शों में निर्माण की तारीख, लागत, जिम्मेदार एजेंसी और गारंटी अवधि जैसी जानकारी दर्ज होगी।
- इससे पता चल सकेगा कि कोई सड़क या नाला किसने बनाया और उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी किसकी है।
- गारंटी अवधि में खराब निर्माण पाया गया तो संबंधित एजेंसी की सुरक्षा राशि जब्त कर ली जाएगी।
जनता और विभाग को होगा लाभ
- अब तक निर्माण कार्य करने वाली संस्थाएं गायब हो जाती थीं और सड़कें जल्दी खराब हो जाती थीं।
- AI मैपिंग से निर्माण में पारदर्शिता आएगी और सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सकेगा।
- अतिक्रमण या निर्माण की शिकायत होने पर भी विभाग को तुरंत जानकारी मिल सकेगी।
भविष्य की योजना
- सड़कों की AI मैपिंग के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे।
- इससे निगरानी बेहतर होगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।
– अशोक मदान, एक्सईएन, यूआइटी
