
क्या है मुख्य समस्या
ADB की रिपोर्ट में बताया गया है कि
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रूफटॉप और फीडर स्तर पर सोलर बढ़ने से रिवर्स पावर फ्लो की समस्या हो रही है
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दोपहर में सोलर उत्पादन ज्यादा होने से ओवर-वोल्टेज की दिक्कत आती है
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शाम के समय अचानक पीक लोड बढ़ जाता है
पुराना वितरण नेटवर्क एकतरफा बिजली सप्लाई के लिए बना था। इसमें रियल-टाइम मॉनिटरिंग और स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम की कमी है। इसी वजह से कई जगह इन्वर्टर ट्रिपिंग, पावर क्वालिटी खराब होने और ग्रिड की स्थिरता पर असर जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
बैटरी एनर्जी स्टोरेज जरूरी
रिपोर्ट में इन समस्याओं के समाधान के लिए बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को जरूरी बताया गया है।
इससे:
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दोपहर में बनने वाली अतिरिक्त सोलर बिजली को स्टोर किया जा सकेगा
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शाम के समय बढ़ती मांग को आसानी से पूरा किया जा सकेगा
साथ ही, ग्रिड को मजबूत बनाने के लिए
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स्मार्ट सब-स्टेशन
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एडवांस मीटरिंग
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आधुनिक कंट्रोल सिस्टम
लागू करने की सिफारिश की गई है।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने अधिकारियों को इन पर जल्द प्लानिंग करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में तकनीकी परेशानी न हो।
राजस्थान की सोलर क्षमता: अभी क्या स्थिति है
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अभी राज्य में करीब 42 गीगावाट अक्षय ऊर्जा प्रोजेक्ट स्थापित हो चुके हैं
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सरकार 2030 तक 125 गीगावाट क्षमता का लक्ष्य लेकर चल रही है
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इसके अलावा 64.5 गीगावाट के नए प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं
नेटवर्क मजबूत नहीं हुआ तो पूरा फायदा नहीं मिलेगा
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसमिशन और ग्रिड की सीमित क्षमता के कारण राज्य में बनने वाली पूरी सोलर बिजली का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
अगर नेटवर्क को मजबूत नहीं किया गया, तो सोलर ऊर्जा का तेज विस्तार सुरक्षित और टिकाऊ नहीं रह पाएगा।
भविष्य में बढ़ेगी बिजली की खपत
केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के अनुसार,
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अगले 10 साल में राजस्थान की बिजली मांग 32,160 मेगावाट तक पहुंच सकती है
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अभी अधिकतम मांग करीब 19,500 मेगावाट है
इसलिए विशेषज्ञ मानते हैं कि सिर्फ उत्पादन बढ़ाना काफी नहीं है, बल्कि ट्रांसमिशन और वितरण सिस्टम को मजबूत करना भी उतना ही जरूरी है।
ऊर्जा मंत्री का बयान
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि राजस्थान में सोलर ऊर्जा का विस्तार एक बड़ा अवसर है।
तकनीकी चुनौतियों को दूर करने के लिए ग्रिड को स्मार्ट और फ्यूचर-प्रूफ बनाया जा रहा है, ताकि रिवर्स पावर फ्लो, ओवर-वोल्टेज और पीक लोड जैसी समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
