राजस्थान में 44 संस्कृत स्कूल जर्जर, विभाग ने माना- भवन जानलेवा हालत में
राजस्थान में संस्कृत शिक्षा विभाग के 44 स्कूल भवन पूरी तरह जर्जर हालत में मिले हैं। विभाग ने खुद माना है कि ये भवन अब बच्चों और स्टाफ के लिए सुरक्षित नहीं हैं। कई स्कूलों की स्थिति इतनी खराब है कि उन्हें ढहाने की जरूरत बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, विभाग ने संबंधित अधिकारियों से इन स्कूल भवनों की विस्तृत रिपोर्ट तीन दिन में मांगी है। रिपोर्ट में भवनों की वर्तमान स्थिति, मरम्मत की संभावना और यदि भवन खतरनाक है तो उसे गिराने की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी शामिल करनी होगी।
विभागीय स्तर पर माना गया है कि ऐसे भवनों में बच्चों की पढ़ाई जारी रखना जोखिम भरा हो सकता है। कई स्कूलों में दीवारों में दरारें, छतों से प्लास्टर गिरने, कमजोर कमरों और पुराने ढांचे जैसी समस्याएं सामने आई हैं। बारिश या तेज हवा के दौरान इन भवनों में हादसे की आशंका और बढ़ जाती है।
अब विभाग यह तय करेगा कि किन स्कूलों की मरम्मत संभव है और किन भवनों को पूरी तरह गिराकर नए भवन बनाए जाने चाहिए। इसके लिए जिला स्तर से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने सरकारी स्कूलों की भवन सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि जर्जर भवनों में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा है।
फिलहाल विभाग ने अधिकारियों को जल्द रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद खतरनाक भवनों को खाली कराने, वैकल्पिक व्यवस्था करने और नए निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

