
लंबे समय से जर्जर हालत में था रोड
गुरुग्राम से नूंह तक का रोड पहले ही फोरलेन बनाया जा चुका था, लेकिन नूंह से राजस्थान बॉर्डर तक 49 किलोमीटर का यह रोड काफी खराब हालत में था। इसकी जर्जर स्थिति के कारण अक्सर सड़क हादसे होते थे और लोगों को जान गंवानी पड़ती थी।
लोगों का संघर्ष रंग लाया
इस सड़क को फोरलेन करने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने धरने और प्रदर्शन किए थे। यहां तक कि कुछ युवकों ने नूंह से राजस्थान बॉर्डर तक पैदल मार्च भी किया।
लंबे समय से बन रही थी योजना
लोक निर्माण विभाग (PWD) पिछले डेढ़ साल से इस सड़क के विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पर काम कर रहा था। शुरुआत में 350 करोड़ की डीपीआर बनी, फिर इसे 550 करोड़ तक बढ़ाया गया। बाद में बाईपास बनाने की योजना के कारण इसकी लागत 926 करोड़ तक पहुंच गई। आखिरकार, 480 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत कर दी गई।
जल्द शुरू होगा फोरलेन बनाने का काम
अब जब केंद्र सरकार के ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, तो एक्सपेंडिचर कमेटी की स्वीकृति मिलते ही फोरलेन बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
– सज्जन कुमार, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, नूंह
