
इनमें से 442 दुकानों की चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि 399 दुकानों पर काम जारी है। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लोगों को उनके घर के पास ही राशन मिल सके।
नियमों में दी गई छूट
नियम के अनुसार 500 राशन कार्ड और 2000 यूनिट पर एक दुकान खोलने का प्रावधान है। लेकिन जरूरत को देखते हुए जिला कलेक्टरों को नियमों में ढील देने का अधिकार भी दिया गया है। इससे दूर-दराज और छोटी बस्तियों में भी नई दुकानें खोलना आसान होगा।
2022-23 से अब तक 973 नई दुकानें शुरू
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022-23 से अब तक 973 नई उचित मूल्य दुकानें शुरू की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पहले 5000 दुकानों की घोषणा हुई थी, लेकिन बहुत कम दुकानें खुल पाईं। अब तेजी से काम किया जा रहा है।
जिलों में विस्तार
चित्तौड़गढ़ जिले में 15 नई दुकानों को मंजूरी दी गई है। इनमें बेगूं, निम्बाहेड़ा, बड़ी सादड़ी और कपासन क्षेत्र शामिल हैं। कई जगहों पर इंटरव्यू और आवंटन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
सरकार का मानना है कि नई दुकानों से राशन वितरण व्यवस्था मजबूत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को लंबी कतारों से राहत मिलेगी। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को समय पर राशन मिल सकेगा।
