
यात्रियों को मिलेगा फायदा
नई बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी और लंबी दूरी व प्रमुख रूटों पर चलाई जाएंगी। इससे यात्रियों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और यात्रा पहले से अधिक आरामदायक और समय पर हो सकेगी। लंबे समय से बसों की कमी झेल रही रोडवेज के लिए यह बड़ा सहारा माना जा रहा है।
सेवाओं का होगा विस्तार
नई बसें आने से
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बसों की संख्या और फ्रीक्वेंसी बढ़ेगी
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समयबद्ध संचालन बेहतर होगा
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जिन रूटों पर बसें बंद थीं, वहां फिर से सेवाएं शुरू होंगी
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निजी बसों के दबदबे वाले मार्गों पर रोडवेज की वापसी होगी
किन जिलों को कितनी बसें मिलेंगी
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25 बसें: हनुमानगढ़
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22 बसें: ब्यावर
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20 बसें: बीकानेर, झुंझुनूं, प्रतापगढ़
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15 बसें: खेतड़ी, विद्याधर नगर
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13 बसें: सवाई माधोपुर, जालौर
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12 बसें: अजमेर, बांसवाड़ा, बारां, भीलवाड़ा
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10 बसें: अजयमेरु, धौलपुर, फालना, हिंड़ौन, श्रीमाधोपुर, सीकर, झालावाड़
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9 बसें: टोंक
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8 बसें: दौसा, चूरू, डीडवाना, कोटपूतली, अनूपगढ़, राजसमंद
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7 बसें: आबू रोड, श्रीगंगानगर, शाहपुरा, वैशालीनगर, फलौदी, लोहागढ़
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6 बसें: अलवर
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5 बसें: बूंदी, चित्तौड़गढ़, कोटा, नागौर
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4 बसें: जोधपुर, सरदारशहर, मत्स्य नगर
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2 बसें: बाड़मेर, करौली
निष्कर्ष
राजस्थान रोडवेज में 445 नई बसों के शामिल होने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी। इससे यात्रियों को राहत मिलेगी और रोडवेज की सेवाएं फिर से मजबूत होंगी।
