
इस कानून के लागू होने के बाद 11 अलग-अलग अधिनियमों में छोटी और तकनीकी गलतियों पर जेल की सजा खत्म कर दी जाएगी। अब ऐसे मामलों में केवल आर्थिक जुर्माना लगाया जाएगा।
क्यों लाया जा रहा है यह कानून
सरकार का कहना है कि इस फैसले से ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। यह विधेयक केंद्र सरकार के जन विश्वास (संशोधन) अधिनियम 2023 की तर्ज पर तैयार किया गया है।
11 कानूनों से हटेंगे आपराधिक प्रावधान
इस विधेयक के पास होने के बाद 11 कानूनों से आपराधिक प्रावधान हट जाएंगे। सरकार ने पहले इसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद अध्यादेश के रूप में लागू किया था। अब इसे स्थायी कानून बनाने के लिए विधानसभा में पेश किया जाएगा।
किन मामलों में मिलेगी राहत
1. राजस्थान वन अधिनियम 1953
अगर कोई व्यक्ति गलती से वन भूमि में मवेशी चरा देता था, तो पहले 6 महीने तक जेल या 500 रुपये जुर्माना का प्रावधान था। अब जेल की सजा हटाकर केवल जुर्माना और नुकसान की भरपाई का प्रावधान रहेगा। इससे आदिवासी और ग्रामीणों को राहत मिलेगी।
2. राजस्थान राज्य सहायता (उद्योग) अधिनियम 1961
अगर कोई उद्योग अपने दस्तावेज या बहीखाते निरीक्षण के लिए प्रस्तुत नहीं करता था, तो पहले जेल का प्रावधान था। अब इसमें केवल आर्थिक दंड लगाया जाएगा।
3. जयपुर वाटर सप्लाई एवं सीवरेज बोर्ड अधिनियम 2018
पानी की बर्बादी, बिना अनुमति कनेक्शन लेना या सीवर लाइन में बाधा डालने जैसे मामलों में अब जेल नहीं होगी, बल्कि केवल जुर्माना लगाया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस कदम से लोगों को छोटी गलतियों पर जेल जाने की परेशानी से राहत मिलेगी और प्रशासनिक प्रक्रिया भी सरल होगी।
