Site icon CHANNEL009

राजस्थान-हरियाणा के बीच 215 किमी लंबी नई रेल लाइन बनेगी, 2208 करोड़ रुपये खर्च होंगे

राजस्थान और हरियाणा के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए बड़ा रेलवे प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इस योजना के तहत करीब 215 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाएगा, जिस पर लगभग 2208 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस प्रोजेक्ट से दोनों राज्यों के कई जिलों को फायदा मिलेगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

दो चरणों में होगा काम

इस रेल परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा।

पहला चरण:
रेवाड़ी से नारनौल तक करीब 51 किलोमीटर रेल ट्रैक का दोहरीकरण किया जा रहा है। इस हिस्से का 80 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। इसके लिए करीब 665.72 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।

दूसरा चरण:
दूसरे चरण में नारनौल से फुलेरा तक करीब 164 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जाएगी। इस काम के लिए करीब 1542.38 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

दिल्ली-जयपुर रूट पर कम होगा दबाव

अभी इस रूट पर ट्रेनों की संख्या कम है और कई ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए रुकना पड़ता है, जिससे यात्रा में ज्यादा समय लगता है। लेकिन इस रेल लाइन के दोहरीकरण के बाद राजस्थान और गुजरात से दिल्ली जाने वाली कई ट्रेनें इसी रूट से चल सकेंगी, जिससे दिल्ली-जयपुर रूट पर ट्रेनों का दबाव कम होगा

श्रद्धालुओं को भी मिलेगा फायदा

इस प्रोजेक्ट से खाटू श्यामजी और सालासर बालाजी जैसे धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों की यात्रा आसान हो जाएगी।

सफर होगा छोटा और तेज

रेवाड़ी-फुलेरा रेल रूट लगभग 70 किलोमीटर छोटा माना जाता है। ऐसे में दोहरीकरण के बाद यात्रा का समय कम होगा। इसके साथ ही व्यापार, माल परिवहन और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस परियोजना के पूरा होने से राजस्थान और हरियाणा के बीच रेल नेटवर्क और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

Exit mobile version