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राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश: कश्मीरी युवती को खोजने के लिए CRPF की मदद ली जाएगी

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक बालिग महिला को कथित रूप से बंधक बनाए जाने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। यह मामला नागौर निवासी जितेंद्र सिंह और जम्मू-कश्मीर की युवती शकीला से जुड़ा है, जिन्होंने अपनी मर्जी से शादी की थी। आरोप है कि शकीला के परिजन उसे जबरन वापस ले गए और उस पर दूसरी शादी का दबाव बना रहे हैं।


प्रेम कहानी से शुरू हुआ मामला

जितेंद्र सिंह साल 2023 में जम्मू में एक निजी कंपनी में मैनेजर थे। वहीं उनकी मुलाकात शकीला और उसकी मां से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती प्यार में बदल गई। परिवार की शुरुआती नाराजगी के बाद दोनों साथ रहने लगे।
16 फरवरी 2025 को दोनों ने पंजाब के फिरोजपुर के एक मंदिर में शादी कर ली और कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद राजस्थान आ गए।


गुमशुदगी की रिपोर्ट और विवाद

शादी से नाराज शकीला के परिजनों ने जम्मू के सतवारी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। 22 फरवरी 2025 को जम्मू पुलिस राजस्थान पहुंची और शकीला को वापस ले गई। जितेंद्र का आरोप है कि उनकी बात नहीं सुनी गई।


जबरन दूसरी शादी का आरोप

जितेंद्र का कहना है कि अक्टूबर 2025 तक उनकी शकीला से फोन पर बात होती रही। शकीला ने वीडियो भेजकर बताया था कि परिवार वाले उस पर जबरन दूसरी शादी करने का दबाव बना रहे हैं। इसके बाद जितेंद्र ने राजस्थान हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की।


पुलिस को नहीं मिला पूरा सहयोग

कोर्ट को बताया गया कि शकीला इस समय जम्मू-कश्मीर में है। जब राजस्थान पुलिस उसे ढूंढने अनंतनाग पहुंची, तो स्थानीय पुलिस से पूरा सहयोग नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि इलाका आतंक प्रभावित होने के कारण तलाशी अभियान में दिक्कतें आईं।


हाईकोर्ट का निर्देश

हाईकोर्ट ने कहा कि एक बालिग महिला की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब CRPF और अन्य केंद्रीय बलों की मदद से संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जाए और शकीला को खोजा जाए।

मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी 2026 को होगी।

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