
किन अधिकारियों को मिला नोटिस?
हाईकोर्ट ने अवमानना के दो मामलों में मुख्य सचिव सुधांशु पंत, प्रमुख सचिव सुबीर कुमार, दिनेश कुमार, जोगाराम, जयपुर कलेक्टर जितेंद्र कुमार सोनी, IPS अधिकारी सागर व अमित कुमार और न्यायिक सेवा के अधिकारी रवि शर्मा सहित कुल 14 अधिकारियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
क्या है मामला?
-
हाईकोर्ट ने राजकीय अधिवक्ता नियुक्ति से जुड़े आदेश को एक साल से लागू न करने को अवमानना माना।
-
हाडोता गांव में चरागाह भूमि से चारा वाहनों को हटाने के आदेश का पालन न करने पर भी अधिकारियों से जवाब मांगा गया।
-
सरकारी टेंडर से संबंधित दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड न करने के मामले में मुख्य सचिव सुधांशु पंत और खाद्य आपूर्ति विभाग के प्रमुख सचिव सुबीर कुमार से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा गया।
अधिकारियों की माफी और कोर्ट की सख्ती
-
IAS भवानी सिंह देथा ने कॉलेज शिक्षा से जुड़े आदेश की अनदेखी के लिए कोर्ट में बिना शर्त माफी मांगी, जिसके बाद मामला निपटाया गया।
-
वित्त विभाग के संयुक्त सचिव एजाब नबी खान ने भी डिक्री पालन न करने पर माफी मांगी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
-
जैसलमेर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान ने भी माफी मांगकर सुप्रीम कोर्ट से राहत ली।
अगला कदम क्या?
-
हाईकोर्ट ने पूछा कि बिना कारण राजकीय अधिवक्ता की नियुक्ति न करना क्या अवमानना नहीं है?
-
मुख्य सचिव, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, विधि सचिव और अधिवक्ता ब्रह्मानंद सांदू से 2 अप्रैल तक जवाब मांगा गया।
निष्कर्ष:
राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारियों की आदेशों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाया है। अब सभी संबंधित अधिकारियों को जवाब देना होगा, वरना कड़ी कार्रवाई हो सकती है।
