
दो साल बनाम पांच साल पर बहस की चुनौती
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि उनकी सरकार ने पहली बार अपने कामकाज का पूरा दस्तावेज सदन के पटल पर रखा है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से इस मुद्दे पर बहस कराने का अनुरोध किया। अध्यक्ष ने कहा कि कार्य सलाहकार समिति में इस पर चर्चा कर तारीख और समय तय किया जाएगा। इस दौरान सदन में हंगामा भी हुआ।
दिल्ली जाने को लेकर कांग्रेस पर तंज
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे दिल्ली जाते हैं तो कांग्रेस नेता तंज कसते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि पहले की सरकार दिल्ली कुर्सी बचाने जाती थी, जबकि वे जनता के काम के लिए जाते हैं। उन्होंने कहा, “मैं दिल्ली जाता हूं तो जनता के लिए कुछ न कुछ लेकर ही आता हूं। कांग्रेस सरकार ने पांच साल में क्या किया, यह सबके सामने है।”
विपक्ष ने पूरे कार्यकाल पर चर्चा की मांग की
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई विधायकों ने कहा कि सिर्फ कांग्रेस सरकार के दो साल की तुलना नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरे पांच साल के कार्यकाल पर चर्चा हो। टीकाराम जूली ने भी मुख्यमंत्री की चुनौती स्वीकार करने की बात कही।
पूर्व सरकार पर बिना नाम लिए निशाना
सीएम ने कहा कि उनकी सरकार युवा, महिला, गरीब और किसानों के हित में काम कर रही है। उन्होंने पिछली सरकार के नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्होंने युवाओं का हक छीना, उन्हें फिर से महात्मा गांधी के विचार पढ़ने चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले जो लोग सत्ता में रहते हुए मौन थे, आज वही उपदेश दे रहे हैं।
पेपर लीक पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने युवाओं में भरोसा पैदा किया है और परीक्षाएं ईमानदारी से करवाई जा रही हैं। उन्होंने साफ कहा कि पेपर लीक करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
राम के नाम पर भी कांग्रेस पर हमला
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को राम के नाम से परेशानी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राम का नाम अपनाओ, फायदे में रहोगे, नहीं तो जनता से कटते चले जाओगे।
टीकाराम जूली का पलटवार
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार ने अब तक की 1727 बजट घोषणाओं में से सिर्फ 754 ही पूरी की हैं। पिछले बजट की केवल 18 प्रतिशत घोषणाओं पर ही अमल हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो साल में एक भी नई भर्ती पूरी नहीं हुई और मेधावी छात्राओं की स्कूटी योजना का टेंडर भी रद्द कर दिया गया।
जूली ने कहा कि जनता की सुनवाई नहीं हो रही और सरकार यह भूल रही है कि वह जनता की मालिक नहीं, बल्कि उसकी सेवक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रियों के दरवाजे आम लोगों के लिए बंद हैं।
