
“हम सिर्फ सपोर्ट देने के लिए नहीं बने”
अख्तरुल ईमान ने विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि AIMIM सिर्फ दूसरों को समर्थन देने के लिए नहीं बनी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब RJD के पास राज्यसभा में प्रतिनिधित्व है तो वे AIMIM को समर्थन क्यों नहीं देते? उनका कहना है कि पार्टी को भी ऊपरी सदन में प्रतिनिधित्व का अधिकार है।
क्या AIMIM उतारेगी अपना उम्मीदवार?
अख्तरुल ईमान ने संकेत दिए कि AIMIM राज्यसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार उतार सकती है। उन्होंने कहा कि पार्टी संसद में अपनी भागीदारी चाहती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब माना जा रहा था कि AIMIM के समर्थन से महागठबंधन पांचवीं सीट पर उम्मीदवार उतार सकता है।
जोकीहाट से AIMIM विधायक मुर्शिद आलम ने भी कहा कि उनकी पार्टी किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं है। अगर समर्थन मांगा जाएगा तो वे शर्तों के साथ विचार करेंगे। इससे साफ है कि AIMIM अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करना चाहती है।
तेजस्वी के सामने चुनौती
बिहार विधानसभा में महागठबंधन के पास अपने दम पर राज्यसभा सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्या नहीं है। महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं। ऐसे में AIMIM के पांच और BSP के एक विधायक का समर्थन अहम माना जा रहा था। लेकिन AIMIM के नए रुख से विपक्ष की स्थिति कमजोर दिख रही है।
विपक्ष के सामने विकल्प
अगर AIMIM अपना उम्मीदवार उतारती है तो विपक्षी वोट बंट सकते हैं। इससे पांचवीं सीट पर मुकाबला रोचक तो होगा, लेकिन विपक्ष की जीत मुश्किल हो सकती है।
एनडीए की मजबूत स्थिति
सत्तारूढ़ एनडीए पहले ही चार सीटों पर मजबूत स्थिति में है। अगर विपक्ष एकजुट नहीं होता तो पांचवीं सीट पर भी एनडीए को फायदा मिल सकता है। ऐसे में AIMIM का फैसला चुनाव परिणाम पर सीधा असर डाल सकता है।
बिहार विधानसभा में विधायकों की संख्या
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भाजपा (BJP) – 89
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जदयू (JDU) – 85
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लोजपा (रामविलास) – 19
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हम (सेक्युलर) – 5
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राष्ट्रीय लोक मोर्चा – 4
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राजद (RJD) – 25
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कांग्रेस – 6
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CPI (ML) – 2
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CPI (M) – 1
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इंडियन इंक्लूसिव पार्टी – 1
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AIMIM – 5
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BSP – 1
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कुल सीटें – 243
राज्यसभा चुनाव में अब सबकी नजर AIMIM के अंतिम फैसले पर टिकी है।
