
कैसे हुआ यह खुलासा?
फरवरी में करीब 30 छात्रों की परीक्षाएं बिना परीक्षा फॉर्म भरे ही आयोजित कर दी गईं। नियमानुसार, परीक्षा में शामिल होने के लिए 2450 रुपए फीस जमा कर परीक्षा फॉर्म भरना अनिवार्य होता है, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
जब परीक्षा केंद्र पर शिक्षकों को गलती का अहसास हुआ, तो उन्होंने छात्रों को चुपचाप ऑनलाइन परीक्षा सेंटर भेज दिया। वहां आवेदन की जांच के दौरान इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ।
क्या कहता है प्रशासन?
इस मामले पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. रश्मि टंडन का कहना है,
“नियम के अनुसार, परीक्षा फॉर्म भरने के बाद ही कोई छात्र परीक्षा में शामिल हो सकता है। अगर गलती से ऐसा हुआ है, तो यह गलत है। प्रशासन को इस मामले से अवगत कराया जाएगा।”
छात्र अब इस गलती के कारण अपनी परीक्षाओं को लेकर परेशान हैं और उनके भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। अब देखना होगा कि यूनिवर्सिटी इस मामले का समाधान कैसे करती है।
