
जबलपुर।
इस वर्ष रामनवमी 6 अप्रैल 2025 को रवि पुष्य नक्षत्र के शुभ संयोग में मनाई जाएगी। संस्कारधानी जबलपुर में भगवान श्रीराम के प्रति गहरी आस्था है, जो यहां के भव्य राम मंदिरों में देखी जा सकती है। हर मंदिर की अपनी अलग महिमा और मान्यता है।
मदनमहल राम मंदिर: 56 साल पहले मिला भव्य स्वरूप
मदनमहल क्षेत्र में 56 वर्ष पहले एक झोपड़ी में श्रीराम की तस्वीर रखकर पूजा की जाती थी। बाद में पंजाबी हिंदू समुदाय के सहयोग से भव्य राम मंदिर बना, जो अब रामनवमी पर शोभायात्रा की अगुवाई करता है। यहां अखंड मानस पाठ, प्रभातफेरी और विशेष पूजा का आयोजन किया जा रहा है।
गौरीघाट रामलला मंदिर: भगवान के साथ हनुमानजी की पूजा
गौरीघाट के रामलला मंदिर में श्रीराम की प्राचीन और दुर्लभ प्रतिमा विराजित है। खास बात यह है कि यहां हनुमानजी की पांच अंगुल ऊंची बाल्य प्रतिमा भी है। रामनवमी पर हनुमानजी के साथ विशेष पूजा होगी।
हनुमानबाग मंदिर: रामराज्य की झलक
गढ़ा क्षेत्र के हनुमानबाग मंदिर में श्रीराम के राज्याभिषेक का भव्य रामदरबार सजाया गया है। यहां श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमानजी और अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाएं एक साथ हैं। रामनवमी के पहले से सुंदरकांड पाठ चल रहा है।
रामायण मंदिर: 56 वर्षों से हो रहा अखंड मानस पाठ
सूपाताल के हनुमान मंदिर में अगस्त 1967 से अखंड मानस पाठ चल रहा है। इसे रामायण मंदिर भी कहा जाता है। रामनवमी पर विशेष पूजन, अनुष्ठान, महाआरती और भंडारे का आयोजन होगा।
जीसीएफ राम मंदिर: कर्मचारियों ने कराया निर्माण
86 साल पहले जीसीएफ फैक्ट्री के कर्मचारियों ने चुंगी चौकी के पास राम मंदिर बनवाया। इसमें श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मी और राधा-कृष्ण की मूर्तियां हैं। प्रवेश द्वार पर हनुमानजी की विशाल प्रतिमा है। रामनवमी पर मंदिर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है।
शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी आयोजन
त्रिमूर्ति नगर, राइट टाउन, इस्टलैंड खमरिया, आधारताल और धनी की कुटिया के राम मंदिरों में भी रामनवमी के भव्य आयोजन किए जाएंगे।
➡️ रामभक्ति में डूबा जबलपुर, मंदिरों में भव्य आयोजन और शोभायात्रा से गूंजेगा जय श्रीराम!
