Site icon CHANNEL009

रायगढ़ में बढ़ा कुत्तों का आतंक: हर दिन 7-8 लोग बन रहे शिकार, तीन महीने में 953 डॉग बाइट केस

रायगढ़ (छत्तीसगढ़)।
शहर में आवारा कुत्तों का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और आम लोग अब सड़कों पर सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। हर दिन औसतन 7 से 8 लोग कुत्तों के हमले का शिकार बन रहे हैं। पिछले तीन महीनों में 953 लोग डॉग बाइट से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज (मेकाहारा) में चल रहा है।


सड़कों पर चलना हुआ मुश्किल

आवारा कुत्ते ठंड, गर्मी और बरसात—हर मौसम में सक्रिय हैं। जनवरी से मार्च 2025 के बीच सबसे ज़्यादा हमले पैदल चलने वालों और बाइक सवारों पर हुए हैं। कुत्ते आमतौर पर सुबह, शाम और रात के समय दौड़ाकर हमला करते हैं।


शहर के इन इलाकों में सबसे ज़्यादा खतरा

रामभांठा, इंदिरा नगर, पंजरी प्लांट, केवडाबाड़ी बस स्टैंड, जूटमिल, चक्रधर नगर, कायाघाट, बेलादुला, टीवी टावर समेत कई मोहल्लों में शाम होते ही कुत्तों का झुंड हमला करने लगता है। कई लोग डर के कारण बाइक से गिर जाते हैं, जबकि बच्चे तेज़ भाग नहीं पाने के कारण ज्यादा शिकार हो रहे हैं।


डॉग हाउस योजना सिर्फ कागजों में

तीन साल पहले निगम ने डॉग हाउस बनाने की योजना शुरू की थी लेकिन अब तक ज़मीन पर कुछ नहीं हुआ। कुत्तों की नसबंदी भी सालों से नहीं हुई, जिससे इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।


मांस-मटन दुकानों के कारण हो रहे आक्रामक

शहर में कई मांस-मटन की दुकानें हैं। दुकानदार मांस के टुकड़े इधर-उधर फेंक देते हैं, जिससे कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। जिन इलाकों में ये दुकानें हैं, वहाँ डॉग बाइट के मामले भी ज्यादा हो रहे हैं।


लोग डंडा लेकर निकल रहे हैं सड़कों पर

पार्कों और चौराहों पर कुत्ते झुंड बनाकर रहते हैं। लोग अब रात को पैदल निकलते समय डंडे लेकर चलने लगे हैं, लेकिन कई बार कुत्तों की संख्या ज्यादा होने पर वे हमला कर देते हैं।


आयुक्त का बयान

नगर निगम आयुक्त ब्रजेश सिंह क्षत्रिय ने बताया कि कुत्तों को कंट्रोल करने के लिए डॉग हाउस बनाने की योजना पर काम चल रहा है। एक जगह चिन्हित की गई है और अस्थायी निर्माण के लिए टेंडर भी हो चुका है। बजट मिलते ही काम शुरू किया जाएगा।


जनवरी से मार्च तक डॉग बाइट के आंकड़े

महीना जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज (मेकाहारा)
जनवरी 275 107
फरवरी 230 80
मार्च 205 56

निष्कर्ष:
रायगढ़ शहर में आवारा कुत्तों की समस्या गंभीर होती जा रही है। जनता डरी हुई है और निगम से जल्द कदम उठाने की उम्मीद कर रही है।

Exit mobile version