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रायपुर में तालाबों पर संकट: 120 से अधिक जलाशय अतिक्रमण की चपेट में

रायपुर शहर, जिसे कभी तालाबों का शहर कहा जाता था, आज अपने जलाशयों को बचाने की चुनौती से जूझ रहा है। नगर निगम के रिकॉर्ड में 120 से ज्यादा तालाब दर्ज हैं, लेकिन इनमें से कई तालाब अतिक्रमण और अवैध कब्जों के कारण खत्म होने की कगार पर हैं।

सर्वोदय तालाब पर भी खतरा

लालपुर तालाब के बाद अब पचपेड़ी नाका वार्ड 51 स्थित सर्वोदय तालाब का मामला सामने आया है। यहां तालाब के आरक्षित क्षेत्र में मकान बनाए जा रहे हैं, जिससे उसका स्वरूप बिगड़ रहा है।

इसी तरह हल्का तालाब, आमापारा, सरयूबांधा और करबला तालाब के आसपास भी अवैध कब्जे हो चुके हैं। ऐतिहासिक महाराजबंध तालाब के बड़े हिस्से को पाटकर इमारतें खड़ी कर दी गई हैं।

ग्रीन आर्मी ने उठाई आवाज

सर्वोदय तालाब को बचाने के लिए ग्रीन आर्मी के सदस्य नगर निगम मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने महापौर, नेता प्रतिपक्ष और निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर तालाब के आरक्षित क्षेत्र से अवैध निर्माण हटाने और सीमांकन कराने की मांग की।

ग्रीन आर्मी का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो तालाब का अस्तित्व खत्म हो जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष ने दिए निर्देश

नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने तुरंत जोन 10 के कमिश्नर से बात कर अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाब शहर की धरोहर हैं और इन्हें बचाना जरूरी है।

ग्रीन आर्मी के सदस्यों ने भी कहा कि यह सिर्फ एक संस्था का नहीं, बल्कि पूरे शहर का मुद्दा है। सभी को मिलकर तालाबों को बचाने के लिए आगे आना होगा।

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