रुपए में रिकॉर्ड गिरावट, डॉलर पहली बार ₹96.14 के पार
आम आदमी की जेब पर बढ़ सकता है बोझ, महंगे हो सकते हैं पेट्रोल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामान
भारतीय रुपये में आज बड़ी गिरावट दर्ज की गई। डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार ₹96.14 के स्तर तक पहुंच गया, जिसे अब तक की रिकॉर्ड कमजोरी माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण रुपये पर दबाव बढ़ा है।
रुपये की कमजोरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। पेट्रोल-डीजल, गैस, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मोबाइल, लैपटॉप और विदेश से आने वाले कई उत्पाद महंगे हो सकते हैं।
विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों के खर्च भी बढ़ने की आशंका है। वहीं आयात करने वाली कंपनियों की लागत बढ़ने से बाजार में महंगाई का असर दिखाई दे सकता है।
हालांकि आईटी और निर्यात क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को कमजोर रुपये से कुछ फायदा मिल सकता है, क्योंकि उन्हें डॉलर में भुगतान मिलता है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक बाजार और कच्चे तेल की कीमतें रुपये की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

