📍 मॉस्को | 22 जून 2025
रूस ने ईरान पर अमेरिका द्वारा किए गए हवाई हमलों की कड़ी आलोचना करते हुए इसे एक खतरनाक और अस्वीकार्य कदम बताया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने साफ़ कहा है कि अमेरिका को अपनी सैन्य कार्रवाइयाँ तुरंत रोकनी चाहिए और क्षेत्र को फिर से शांति और संवाद के मार्ग पर लाना चाहिए।
🇷🇺 रूसी विदेश मंत्रालय का तीखा बयान
रविवार को जारी आधिकारिक बयान में रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा:
“हम अमेरिका द्वारा ईरान की परमाणु स्थलों—फ़ोर्दो, नतांज़ और इस्फ़हान—पर किए गए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।”
बयान में यह भी जोड़ा गया:
“स्थिति पहले से ही बेहद संवेदनशील है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने और तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील करते हैं।”
✌️ कूटनीति पर ज़ोर
रूस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि मौजूदा संकट का समाधान केवल राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से ही संभव है। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि सभी मिलकर इस क्षेत्र में शांति बहाल करने की कोशिश करें।
🛑 क्या कहता है रूस का रुख़?
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रूस, ईरान का पारंपरिक सहयोगी रहा है और वह एकतरफा सैन्य कार्रवाई का विरोध करता आया है।
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मॉस्को का मानना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई भी निर्णय संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत होना चाहिए, न कि हमलों के ज़रिए।
📌 निष्कर्ष:
रूस का यह सख्त बयान संकेत देता है कि ईरान पर अमेरिकी हमलों का असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। यह घटना एक बड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव की ओर इशारा कर रही है, जहां शक्तिशाली देश अलग-अलग पाले में खड़े होते दिख रहे हैं।

