मास्को/कीव: यूक्रेन और रूस के बीच तीन वर्षों से चल रही जंग अब और भी खतरनाक मोड़ लेती दिख रही है। रविवार, 8 जून 2025 को रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि रूसी सेना ने पूर्वी निप्रॉपेट्रोव्स्क क्षेत्र में पहली बार जमीनी घुसपैठ की है। यह इलाका अब तक युद्ध की सीधी मार से बचा हुआ था, लेकिन अब यह भी आक्रामक कार्रवाई की जद में आ गया है।
🛡️ रूसी टैंक फोर्सेज ने दी दस्तक
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, डोनेट्स्क पीपुल्स रिपब्लिक की पश्चिमी सीमा पर अब रूस की टैंक फोर्सेज तैनात हैं और वहां से आगे बढ़ते हुए वे निप्रॉपेट्रोव्स्क के अंदर घुसने की कोशिश कर रहे हैं।
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यह क्षेत्र यूक्रेन के मुख्य औद्योगिक और खनन केंद्रों में से एक है।
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अब तक यह क्षेत्र रूसी सैनिकों की सीधी घुसपैठ से सुरक्षित माना जा रहा था।
💣 कूटनीतिक प्रयास नाकाम, युद्ध तेज
कुछ दिन पहले तुर्किये के इस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच शांति वार्ता की कोशिश हुई थी, लेकिन यह बातचीत एक घंटे में ही समाप्त हो गई।
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उसके बाद से दोनों पक्षों ने हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है।
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रूस की हालिया गतिविधियों को रणनीतिक दबाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
🔍 यूक्रेन ने दावे को बताया ‘झूठा प्रचार’
यूक्रेन की खोर्तित्सिया फोर्सेज के प्रवक्ता विक्टर त्रेहुबोव ने सीएनएन से बातचीत में कहा:
“रूस की ओर से निप्रॉपेट्रोव्स्क में घुसपैठ का दावा झूठ और प्रचार है। अभी तक नोवोपावलिव्का या पोक्रोवस्क के रास्ते किसी भी प्रकार की सैन्य घुसपैठ की पुष्टि नहीं हुई है।”
हालांकि, दक्षिणी सैन्य कमान ने माना कि रूस की गतिविधियां चिंताजनक हैं और यह इलाका अब उनके निशाने पर है।
🔚 निष्कर्ष
रूस द्वारा निप्रॉपेट्रोव्स्क जैसे औद्योगिक क्षेत्र में कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि जंग अब नई सीमाओं की ओर बढ़ रही है।
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इस इलाके पर हमला सिर्फ रणनीतिक नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी यूक्रेन की सेना को एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
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आने वाले दिनों में युद्ध और उग्र रूप ले सकता है, खासकर जब कूटनीतिक प्रयास विफल होते नजर आ रहे हैं।

