
राज्य सरकार ने ग्राम पंचायतों को शहरों से जोड़ने के लिए ग्रामीण बस सेवा शुरू करने की योजना बनाई है, जिसके तहत रोडवेज को ग्रामीण मार्गों पर बसों का संचालन करने के लिए निजी बस ऑपरेटरों से आवेदन मांगने थे। लेकिन, अब तक बूंदी जिले में किसी भी निजी बस ऑपरेटर ने इन मार्गों पर बस चलाने में रुचि नहीं दिखाई है। इसके कारण यह योजना असफल होती नजर आ रही है, जिससे ग्रामीणों को सुलभ यात्रा की उम्मीदों को भी झटका लग रहा है।
रोडवेज प्रशासन ने 12 फरवरी से 3 मार्च तक निजी बस ऑपरेटरों से आवेदन मांगे थे, लेकिन किसी ने भी रुचि नहीं दिखाई। बाद में आवेदन की तारीखें बढ़ाई गईं, फिर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
ग्रामीण परिवहन सेवा का शुरू न होना यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है, क्योंकि उन्हें महंगे और सुरक्षित न होने वाले वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ सकता है।
बूंदी जिले के नौ ग्रामीण मार्गों पर बस सेवा शुरू करने के लिए निविदाएं मांगी गई थीं, जिनमें कई प्रमुख मार्ग शामिल हैं, लेकिन अब तक कोई भी ऑपरेटर इसमें भाग लेने के लिए तैयार नहीं है।
रोडवेज के मुख्य प्रबंधक घनश्याम गौड़ ने कहा कि जैसे ही निजी बस ऑपरेटर की तरफ से आवेदन आएंगे, ग्रामीण बस सेवा शुरू कर दी जाएगी।
