लखनऊ अग्निकांड में बड़ा खुलासा, तय लिमिट से ज्यादा चल रहा था बिजली का लोड
channel_009 | Lucknow News
लखनऊ अग्निकांड मामले में अब बड़ा खुलासा सामने आया है। हादसे की शुरुआती जांच में यह बात सामने आ रही है कि बिल्डिंग में तय लिमिट से ज्यादा बिजली का लोड चल रहा था। इसी वजह से आग लगने की आशंका और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान चली गई।
जानकारी के मुताबिक, जिस बिल्डिंग में यह हादसा हुआ, वहां बिजली का उपयोग निर्धारित क्षमता से अधिक किया जा रहा था। कोचिंग सेंटर, एसी, लाइट, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के कारण बिजली का लोड बढ़ सकता है। अगर वायरिंग और सुरक्षा सिस्टम उस लोड के हिसाब से तैयार न हो, तो शॉर्ट सर्किट और आग जैसी घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
हादसे के बाद अब बिजली विभाग, फायर सेफ्टी और बिल्डिंग परमिशन से जुड़े पहलुओं की जांच तेज हो गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर बिल्डिंग में ज्यादा लोड चल रहा था, तो इसकी पहले जांच क्यों नहीं हुई। क्या समय-समय पर निरीक्षण किया गया था या लापरवाही के कारण खतरे को नजरअंदाज किया गया?
इस अग्निकांड ने एक बार फिर कोचिंग सेंटरों और कॉमर्शियल बिल्डिंग्स की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खासकर उन इमारतों में खतरा ज्यादा होता है, जहां भीड़ अधिक होती है लेकिन निकास, फायर सिस्टम और बिजली व्यवस्था कमजोर होती है।
परिजनों में हादसे को लेकर गहरा आक्रोश है। लोग मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो और ऐसी बिल्डिंग्स की तुरंत जांच कराई जाए।
channel_009 निष्कर्ष:
लखनऊ अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही की बड़ी चेतावनी है। तय लिमिट से ज्यादा बिजली लोड का खुलासा बताता है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी ने 15 परिवारों की खुशियां छीन लीं।

