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लिपकीय त्रुटि से अटका स्कूल का उन्नयन, सैकड़ों छात्र प्रभावित

सात साल से नहीं हुआ स्कूल का उन्नयन, शिक्षा विभाग ने फिर भेजा प्रस्ताव

कटनी जिले के ढीमरखेड़ा विकासखंड में स्थित माध्यमिक स्कूल खम्हरिया के उन्नयन में सात साल की देरी हो चुकी है। इसकी वजह शिक्षा विभाग द्वारा आदेश में की गई लिपकीय त्रुटि (टाइपिंग मिस्टेक) है। इस गलती के कारण स्कूल के सैकड़ों छात्र प्रभावित हो रहे हैं और कई बच्चों की पढ़ाई भी छूट चुकी है।

कैसे हुई गलती?

11 सितंबर 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खम्हरिया में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में इस स्कूल को हाईस्कूल में उन्नत करने की घोषणा की थी। इसके बाद 23 मई 2018 को शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किए, लेकिन गलत डाइस कोड (स्कूल कोड) दर्ज हो जाने के कारण खम्हरिया स्कूल का उन्नयन नहीं हो सका।

गलती सुधारने में सात साल की देरी

  • शिक्षा विभाग के अधिकारी सात साल में भी इस गलती को ठीक नहीं करवा सके।

  • जिला प्रशासन ने कई बार उच्च अधिकारियों को पत्र भेजे, लेकिन अब तक संशोधित आदेश जारी नहीं हुआ।

  • इस कारण खम्हरिया और आसपास के गांवों के छात्रों को 8 किलोमीटर दूर हाईस्कूल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

  • सड़कें खराब और रास्ते जंगल से गुजरने के कारण कई छात्र खासकर बेटियां पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हैं।

ग्रामीणों का विरोध भी बेअसर

ग्रामीणों ने स्कूल के उन्नयन के लिए प्रदर्शन, भूख हड़ताल और चुनाव बहिष्कार तक किया, लेकिन कोई हल नहीं निकला। अधिकारियों ने सिर्फ आश्वासन देकर मामला टाल दिया।

क्षेत्र में हाईस्कूल की जरूरत

खम्हरिया पंचायत की आबादी करीब 10,000 है और यहां 8 माध्यमिक शालाएं हैं, लेकिन कोई हाईस्कूल नहीं है। हर साल दर्जनों छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का बयान

कमलेश मार्को (सरपंच, खम्हरिया)
“सीएम की घोषणा के बावजूद गलत डाइस कोड दर्ज हो गया। हम कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। अब कलेक्टर से दोबारा शिकायत करेंगे।”

धीरेन्द्र सिंह (विधायक, बड़वारा)
“ग्रामीणों की समस्या सुनी गई है। भोपाल में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा हुई है। नए सत्र में स्कूल का उन्नयन होने का आश्वासन मिला है।”

संयुक्ता उइके (बीईओ, ढीमरखेड़ा)
“स्कूल के उन्नयन के लिए फिर से प्रस्ताव भेजा गया है। आदेश आते ही स्कूल को हाईस्कूल में बदला जाएगा।”

अब उम्मीदें नए सत्र पर टिकीं

अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग के नए आदेश पर टिकी हैं। यदि इस बार आदेश जारी हुआ, तो छात्रों को हाईस्कूल की सुविधा मिलेगी, नहीं तो वे फिर से परेशान होते रहेंगे।

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