सियोल: उत्तर कोरिया की नौसेना के लिए तैयार किया गया एक नया भारी-भरकम विध्वंसक युद्धपोत उसके जलावतरण के समय ही गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गया। इस अप्रत्याशित घटना के बाद उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों पर नाराज़गी ज़ाहिर की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दुर्घटना देश के उत्तर-पूर्वी तटीय शहर चोंगजिन के बंदरगाह पर हुई, जहां युद्धपोत को एक भव्य समारोह के बीच समुद्र में उतारा जा रहा था। लेकिन लॉन्चिंग प्रक्रिया के दौरान युद्धपोत रैंप से फिसल गया और फंसकर असंतुलित हो गया, जिससे इसका निचला ढांचा क्षतिग्रस्त हो गया।
किम जोंग उन ने जताई कड़ी नाराज़गी
घटना के दौरान स्वयं उपस्थित किम जोंग उन ने इसे “गंभीर प्रशासनिक विफलता” करार दिया और इसके लिए सैन्य अधिकारियों, वैज्ञानिकों तथा शिपयार्ड के प्रबंधकों को दोषी ठहराया। उन्होंने इसे “गंभीर लापरवाही और वैज्ञानिक सूझ-बूझ की कमी” का नतीजा बताते हुए जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई है, जहां दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है। साथ ही, उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ पार्टी की आगामी केंद्रीय समिति की बैठक में भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
परमाणु रणनीति में नौसेना की भूमिका पर असर
उत्तर कोरियाई नेतृत्व पिछले कुछ वर्षों से नौसेना को अपनी सैन्य रणनीति में विशेष महत्व दे रहा है, खासकर परमाणु हथियारों के क्षेत्र में। ऐसे में इस तरह की दुर्घटना किम जोंग उन की अंतरराष्ट्रीय छवि के लिए भी एक झटका मानी जा रही है। दक्षिण कोरिया की ओर से अभी इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

