
लोकसभा में बिहार के दो सांसदों के दिए गए बयानों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। दोनों सांसदों के बयान ऐसे थे कि अब विपक्ष, खासकर कांग्रेस, इन पर जमकर चुटकी ले रहा है और बीजेपी बैकफुट पर नजर आ रही है।
🎙️ मसूद अजहर को ‘साहब’ कह बैठे ललन सिंह
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बोलते हुए आतंकी मसूद अजहर को ‘साहब’ कह दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने आतंकियों को ‘शहीद’ जैसा संबोधन भी दे डाला।
बयान में उन्होंने कहा –
“छह-सात मई की रात हमारी सेना ने पाकिस्तान में नौ आतंकी शिविरों को नष्ट किया। इस हमले में सैकड़ों आतंकवादी मारे गए। मसूद अजहर साहब, हाफिज सईद – ये सब रो रहे थे कि मेरा पूरा परिवार मर गया, काश मैं भी मर जाता।”
इस बयान का वीडियो कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर शेयर किया और यूजर्स ने भी इस पर मजाकिया कमेंट्स करने शुरू कर दिए।
🗓️ शांभवी चौधरी ने भूल कर दी संसद हमले की ‘क्रोनोलॉजी’ गड़बड़
समस्तीपुर से लोजपा (रामविलास) सांसद शांभवी चौधरी भी लोकसभा में आतंकी हमलों पर बोलते हुए साल और सरकार गड़बड़ा बैठीं।
उन्होंने 2001 के संसद हमले की बात करते हुए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की, लेकिन भूल गईं कि उस समय केंद्र में एनडीए की सरकार थी।
कांग्रेस ने उनके वीडियो को शेयर करते हुए लिखा –
“ओह! फिर स्क्रिप्ट गड़बड़ा गई… अब रीटेक भी नहीं होगा। RSS-कोटा वाली सांसद महोदया भूल गईं कि 2001 में संसद हमले के वक्त तो भाजपा सरकार थी।”
🧨 विपक्ष को मिल गया नया मुद्दा
इन दोनों बयानों ने विपक्ष को चुनाव से पहले मुफ्त में मुद्दा दे दिया है।
बीजेपी की ओर से अब तक इन बयानों पर कोई सफाई नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर हंसी और सवाल दोनों उठ रहे हैं।
इन घटनाओं से साफ है कि लोकसभा में दिए गए शब्द कितने संवेदनशील हो सकते हैं, और जरा सी चूक पर कैसे राजनीतिक फायदा या नुकसान हो सकता है।
