
मुख्य मांगे:
- रनिंग भत्ता दरों में 25% की बढ़ोतरी (1 जनवरी 2024 से लागू हो)।
- रनिंग भत्ते की दरों में संशोधन (RAC 1981 के अनुसार)।
- 70 किलोमीटर भत्ते को आयकर से मुक्त किया जाए।
- मालगाड़ी के लिए अधिकतम 8 घंटे और यात्री गाड़ी के लिए 6 घंटे की ड्यूटी तय की जाए।
- रात की ड्यूटी को लगातार दो रात तक सीमित किया जाए।
- 36 घंटे के अंदर रनिंग स्टाफ को मुख्यालय वापस लाने की गारंटी हो।
- सभी जरूरी औजार और टूल्स लोको कैब में उपलब्ध कराए जाएं।
- इंटर डिवीजनल और इंटर रेलवे ट्रांसफर की प्रक्रिया में देरी न हो।
- ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू की जाए।
- साप्ताहिक विश्राम को 48 घंटे किया जाए।
- एलपी, एलपीएस, एलपीजी, एलपीपी, एलपीएम के वेतनमान तय किए जाएं।
- EMUs और MEMUs में सिंगल मेन वर्किंग बंद की जाए।
- लोकोमोटिव प्रशिक्षण की अवधि बढ़ाई जाए।
- रनिंग स्टाफ को भोजन ब्रेक की सुविधा मिले।
- महिला रनिंग स्टाफ की समस्याओं का समाधान हो।
- लोको पायलटों पर अनावश्यक कार्यभार न डाला जाए।
- ALP से ट्रेनों के हैंड ब्रेक खोलने/बांधने का आदेश रद्द किया जाए।
- कैब में CVVRL लगाने से मानसिक दबाव न बढ़े।
रेलवे कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती, वे अपना विरोध जारी रखेंगे।
